आदिवासी दिवस को लेकर जिले में खुशी का माहौल, गांव-गांव और फलियो में बैठकों का दौर शुरू | Adivasi divas ko lekar jile main khushi ka mahol

आदिवासी दिवस को लेकर जिले में खुशी का माहौल, गांव-गांव और फलियो में बैठकों का दौर शुरू

*युवाओं ने संभाली अपने-अपने गाँव में आदिवासी दिवस मनाने की जिम्मेदारी*

आदिवासी दिवस को लेकर जिले में खुशी का माहौल, गांव-गांव और फलियो में बैठकों का दौर शुरू

अलीराजपुर। (रफीक क़ुरैशी) - वैश्विक महामारी की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुये , वर्षा ऋतू के कारण खेतों में फसले होने के से कही नदी के बीच तो कही सुदूरवर्ती पहाड़ियों में जाकर कर रहे है बैठके ताकि व्यक्ति से व्यक्ति की शारीरिक व सामाजिक दूरी का पालन हो सके ।

विश्व आदिवासी दिवस आगामी 09 अगस्त से हम सभी भली भांति परिचित है, जो कि 09 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस (सँयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित)  आ रहा है। इस दिन पूरे विश्व के आदिवासी समाज और गैर आदिवासी समाज मिलकर बड़े ही उत्साह से इस दिन को एक त्योहार के रूप में मनाते आ रहे है। इस दिन सभी लोग अपनी पारम्परिक वेशभूषा एवं हाथों में अपने अपने  वाध्य यंत्रों ढोल, मादल, ढोलगी, फ़ेप्रिये, कुंडी एव अपने पूर्वजों के  अस्त्र-सस्त्र के साथ जब निकलते है पूरा वातावरण आदिवासीमय हो जाता है, ओर आदिकाल से चली आ रही आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जिसे सभी समाजजन भी स्वागत करते हैं। किंतु इस वर्ष वैश्विक स्तर पर कोरोना महामारी के चलते एवं W.H.O. के निर्देशो एवं  शासन-प्रशासन द्वारा  कोरोना (कोविट-19) एडवाइजरी तथा निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुवे कार्यक्रम किये जाने के संबंध में पिछले दिनों जिला मुख्यालय पर जिला स्तर की बैठक संपन्न हुई थी। उक्त बैठक में 03 दिवस कार्यक्रम की रणनीति तैयार की गई हैं। प्रथम दिवस 07 अगस्त  को सभी लोग अपने अपने घरों में , खेतो में ,गॉव देव स्थल में व्रक्षारोपन  करेंगे। द्वितीय दिवस 08 अगस्त को देश के क्रांतिकारियो शहीद चंद्रशेखर आजाद  भाबरा, जोबट महामानव टंटया भील (मामा) अलीराजपुर, भगवान बिरसा मुंडा कट्ठीवाड़ा , महानायक छितु किराड़ गाता सोरवा में मूर्ति, प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा।  तृतीय दिवस 09 अगस्त सुबह 07 से 12 तक अपने घरों की साफ-सफाई, लाइटिंग एवं रंगोली बनाई जावेगी। दोपहर 12 से 05 तक पारम्परिक व्यजंन का पकवान एक दूसरे को आदिवासी दिवस की बधाई संदेश  सोसल मीडिया के माध्यम से एक दूसरे को भेजे जायेंगे।  शाम 08 बजे भोग एव अपने पूर्वजों-खत्रिज एवं  प्रकति के सेवा जोहार अर्पित कर पुरखों के नाम दीपक प्रज्वलित एवं लाईटिंग कार्यक्रम का निर्णय किया गया हैं।

आदिवासी समाज जिला इकाई के निर्देशो के अनुरूप उत्साह के साथ आदिवासी दिवस को मनाया जायेगा।


 *कही नदी तो कही पहाड़ी अंचलो में हो रही है बैठेके*

आदिवासी समाज जिला इकाई द्वारा लिया गये निर्णय अनुसार अपने-अपने गावो में अपने-अपने घरों में  09 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने के निर्णय को लेकर गाँव के युवाओं एव समाजजनों में काफ़ी उत्सहा देखने को मिल रहा है। वर्तमान में गाँव के युवा वर्ग जो अपनी पढाई लिखाई के लिए धार , बड़वानी, इन्दोर, भोपाल ,दिल्ली,कोटा, इंदौर एवं अन्य शहरों में अपने  उज्वल भविष्य की नींव रखने के लिए गये थे , वे भी  सभी वैश्विक महामारी के चलते अपने अपने गावो में है जो अपने अधिकारों को अपनो के बीच हक अधिकार की जानकारी से अवगत करवा रहे है । जिले के अधिकांश गांवों में 09 अगस्त की संपूर्ण तैयारी हो चुकी है।साथ ही जिला कोर कमेटी ने सभी समाजजनों से अपील की हैं कि सोसियल डिस्टेंडिंग का पालन करते हुए अपने ,मोहले व गाँव मे ही मनाने की अपील की है।

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