कुल देवी देवताओं के प्रताप से होती है गांव की समृद्धि smradhi Aajtak24 News



कुल देवी देवताओं के प्रताप से होती है गांव की समृद्धि smradhi Aajtak24 News 

रीवा - कुल देवी देवताओं का महत्व कुल को और कुल के रीति रिवाज को संगठित रखने एवं धर्म की रक्षा के लिए कुल देवी देवताओं की स्थापना की गई जो अपने गोत्र वंशज अनुसार कुल देवियों की पूजा की सनातन धर्म में विधि विधान से उल्लेख मिलता हैं यह धर्म हजारों हजार वर्ष पुराना है जब से मानव सभ्यता निर्मित हुई तब से कुल देवी देवताओं की स्थापना उपरांत यह मान्यता है कि कुल की वृद्धि और कुल के कुशलता हेतु कुल देवियों के दर्शन और वर्ष में पूजा के विधान है जैसे किसी भी घर में संतान का जन्म या कोई मांगलिक कार्य में कुल देवी देवताओं की पूजा होती है वर्ष में नवदुर्गा नवरात्रि या अन्य त्योहारों में कुल देवी देवताओं की पूजा अर्चना का विधान है जानकारो का मानना है कि वंश वृद्धि पूर्वज कुलदेवी देवताओं की कृपा से ही होते हैं हर गांव में कुल देवी ग्राम देवता की मान्यता है मान्यता यह है कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक संगठित संगठन जिसकी मानता थी आधुनिक भारत में जैसे एक देश के प्रतीक चिन्ह और उस देश की मान्यताएं अलग-अलग है इसी तरह से उसे कुल कालांतर में कुल देवी देवताओं की अलग अलग गोत्र अनुसार व्यवस्थाएं थी  मैं जिस कुलदेवी के बारे में चर्चा करने जा रहा हूं वह रीवा जिले के मनगवां तहसील के  जनपद पंचायत गंगेव के ग्राम पंचायत गढ़ में प्राचीन मंदिर की स्थापना लगभग 300 वर्ष पूर्व मनिकठा तिवारियों द्वारा की गई थी फिर इसके विकास में गढ़ के नगर सेठ पियारे गुप्ता सन 1955- 60 में तालाब का निर्माण कराया गया था तालाब के पूजन में रीवा राज्य के तात्कालिक महाराजा  को आमंत्रित किया गया और रीवा रियासत के सभी लोगों को सूचना और निमंत्रण वितरित किए गए और तालाब का पूजन विधि विधान से हुआ जिसमें तात्कालिक राजा भी उपस्थित थे यहां पर पहले माता की प्रतिमा पेड़ के नीचे रखी थी फिर मौनी बाबा जिनकी सोहागी पहाड़ में समाधि है उनके द्वारा देवी मां के मंदिर का निर्माण कराया गया तथा कमला प्रसाद गुप्ता द्वारा राम लक्ष्मण सीता के मंदिर का निर्माण कराया गया करण गुप्ता गुड्डू के द्वारा शंकर जी और संतोषी माता के मंदिर का निर्माण कराया गया श्रीधर गुप्ता के द्वारा दक्षिण मुखी हनुमान जी मंदिर का निर्माण कराया गया रामनारायण गुप्ता द्वारा दुर्गा मां का मंदिर निर्माण कराया गया गोविंद कचेर द्वारा शनिदेव की प्रतिमा पीपल के पेड़ के नीचे स्थापना की गई तथा कूप का निर्माण गढ़ के तात्कालिक सरपंच नरेंद्र गुप्ता द्वारा  कराया गया जहां पर सीढ़ी न होने से तालाब के भीठ पर पानी गिरने से लोग फिसलते थे। जिसे गढ़ के रवि मिश्रा द्वारा तालाब में सीढी का निर्माण और मंदिर परिसर में कंक्रीट कराया गया यहां पर मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से मन्नत मांगते हैं उनकी मन्नत  पूर्ण होती हैं मन्नत पूर्ण होने पर लोग मंदिर में कथा पूजा अनुष्ठान किए जाते हैं यहां सुबह 4:00 बजे से भीड़ लगना शुरू हो जाती है और शाम के 5:00 बजे से 8:00 बजे रात्रि तक काफी श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है यह ग्राम गढ़ के बस्ती के बीचों बीच स्थित सभी सनातन धर्म के लोग के आस्था का केंद्र हैं मंदिर के विकास में अब तक गुप्ता और मिश्रा परिवार का ही काफी योगदान देखा गया है वहां के पुजारी द्वारा बताया गया कि मेरे पिछली पांच पीढ़ी से लोग यहां प्रतिदिन साफ सफाई और पूजा पाठ का कार्य करते हैं वहां पर उपस्थित श्रद्धालु सीताराम गुप्ता जितेंद्र गुप्ता सुनील गुप्ता मगन कचेर सूरज गुप्ता राजेंद्र गुप्ता  द्वारा देवी के प्रभाव और शक्ति के बारे में बताया कि जो हम लोगों को जानकारी है यहां की देवी मां काफी प्रतापी  है और आसपास के लोग काफी आस्था रखते हैं यह नवदुर्गा और रामनवमी में विशेष भंडारे का आयोजन किया जाता है और लोग अपनी मन्नत पूरी होने पर सोमवार गुरुवार एवं रामनवमी नवरात्रि पर्वों पर   भंडारों का आयोजन होता रहता है।






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