| धरना-अनशन के आगे प्रशासन की पहल, खेरवास पंचायत की मांगों पर बनी सहमति |
बदनावर। ग्राम पंचायत खेरवास की विभिन्न मांगों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय बदनावर के समक्ष चल रहा सरपंच एवं ग्रामीणों का धरना-अनशन प्रशासन की सकारात्मक पहल के बाद समाप्त हो गया। ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती रेखा मालवीय, सरपंच प्रतिनिधि रजनीश मालवीय एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सोया प्लांट तथा वंडर सीमेंट फैक्ट्री से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। धरना स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों और दोनों फैक्ट्रियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा के बाद अधिकांश मांगों पर सहमति बनी तथा सात दिवस के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
धरना-अनशन के दौरान अनुविभागीय अधिकारी बदनावर, तहसीलदार बदनावर तथा दोनों फैक्ट्रियों के अधिकारियों ने सरपंच एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों से चर्चा की। बातचीत के दौरान ग्राम पंचायत की मांगों पर सकारात्मक सहमति बनने के बाद प्रशासन ने संबंधित कार्यों को समय-सीमा में पूरा कराने की जिम्मेदारी लेने का आश्वासन दिया।
एक सप्ताह में संपत्ति कर की गणना
सहमति के अनुसार फैक्ट्री क्षेत्र की संपत्तियों की गणना एक सप्ताह के भीतर पूर्ण की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार निर्धारित संपत्ति कर की राशि दोनों फैक्ट्रियों द्वारा ग्राम पंचायत खेरवास के खाते में जमा कराई जाएगी। पंचायत का कहना था कि औद्योगिक इकाइयों से संबंधित संपत्ति कर का उचित निर्धारण और भुगतान पंचायत के विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है।
विस्थापित परिवारों को सड़क और नाली की सुविधा
विस्थापित परिवारों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांग पर भी सहमति बनी। सीमेंट-कांक्रीट सड़क एवं नाली निर्माण के प्रस्ताव को सात दिवस के भीतर स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया गया। इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार 2 सितंबर 2026 को स्वयं ग्राम पंचायत खेरवास पहुंचकर मौके का निरीक्षण करेंगे। इससे लंबे समय से सुविधाओं की मांग कर रहे विस्थापित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पंचायत की संपत्तियों की मरम्मत और क्षतिपूर्ति
ग्राम पंचायत की क्षतिग्रस्त संपत्तियों की मरम्मत तथा लंबित किराया एवं क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान को लेकर भी सहमति बनी है। संबंधित कार्य सात दिवस के भीतर पूर्ण कराने का आश्वासन दिया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने इसे स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण मांग बताते हुए प्रशासन के आश्वासन का स्वागत किया।
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता
बैठक में स्थानीय रोजगार के मुद्दे पर भी सकारात्मक सहमति बनी। दोनों औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में संचालित उद्योगों का लाभ स्थानीय युवाओं और परिवारों को भी मिलना चाहिए।
जूस पिलाकर कराया अनशन समाप्त
प्रशासन द्वारा सभी मांगों को सात दिवस की समय-सीमा में पूरा करवाने की जिम्मेदारी लेने और ठोस आश्वासन मिलने के बाद तहसीलदार ने सरपंच प्रतिनिधि एवं प्रदर्शनकारियों को जूस पिलाकर धरना एवं अनशन समाप्त कराया। इसके साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि तय समय में सभी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई होगी।