मनगवां में विकास के दावों के बीच गहराता असंतोष: झूलते बिजली के तार, बदहाल सड़कें और विधायक स्वेच्छा निधि पर उठते सवाल

मनगवां में विकास के दावों के बीच गहराता असंतोष: झूलते बिजली के तार, बदहाल सड़कें और विधायक स्वेच्छा निधि पर उठते सवाल

रीवा/मनगवां - रीवा जिले के मनगवां विधानसभा क्षेत्र में विकास के बड़े-बड़े दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां प्रशासनिक स्तर पर अभूतपूर्व विकास के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गांव-गांव और चौपालों में जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करती नजर आ रही है। नागरिकों का सीधा सवाल है कि यदि क्षेत्र का इतना विकास हुआ है, तो आज भी जनता को कीचड़ भरे रास्तों, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और झूलते बिजली के तारों से जूझना क्यों पड़ रहा है?

सड़क या कीचड़ का तालाब? जर्जर रास्तों ने बढ़ाई मुसीबतें

गढ़ क्षेत्र की सड़कें विकास के दावों की पोल खोलती दिखाई दे रही हैं। पुरानी राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) की स्थिति इतनी बदहाल हो चुकी है कि वहां से पैदल निकलना भी दूभर है। बस्ती का गंदा पानी सीधे मुख्य सड़कों पर बह रहा है, जिससे सड़क ने कीचड़ के तालाब का रूप ले लिया है। स्कूली बच्चे, बस यात्री और अस्पताल जाने वाले मरीज रोजाना इस जलभराव और गंदगी के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में मौत को दावत देते झूलते बिजली के तार, स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भारी कमी तथा आंगनबाड़ी केंद्रों व प्राथमिक विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विधायक स्वेच्छा निधि पर पारदर्शिता की मांग

क्षेत्रवासियों में विधायक स्वेच्छा निधि के आवंटन को लेकर भी भारी असंतोष है। जनता की मांग है कि विधायक निधि और स्वेच्छा निधि से किन लोगों को कितनी आर्थिक सहायता दी गई है, उसकी एक सार्वजनिक सूची जारी की जानी चाहिए। लोकतंत्र में पारदर्शिता सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है, ऐसे में सहायता राशि का ब्योरा सामने लाने में संकोच नहीं होना चाहिए। इसी बीच, गढ़ निवासी राजेश्वर तिवारी के परिवार से जुड़ा एक मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजनों का आरोप है कि अपनी पत्नी की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने पर उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। जनता का कहना है कि जनप्रतिनिधि का दायित्व किसी जाति या वर्ग विशेष के बजाय पूरे विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक के प्रति समान होना चाहिए।

पूर्व जनप्रतिनिधियों के कार्यों से तुलना

क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि पूर्व में उपज मंडी कार्यालय, पेयजल टंकियों, विद्यालयों के उन्नयन, खेल मैदानों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के माध्यम से जो ढांचागत कार्य हुए थे, उनका लाभ जनता को आज भी मिल रहा है। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि यदि विकास की उपलब्धियों पर कोई स्मारिका या पुस्तिका प्रकाशित की जा रही है, तो उसमें क्षेत्र की वर्तमान समस्याओं का भी उल्लेख होना चाहिए।

 


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