कटनी; 182 मीटर बाकी… फिर कटनी पहुंचेगा नर्मदा का पानी! कलेक्टर की सख्ती से निर्माण एजेंसियों में मचा हड़कंप Aajtak24 News

कटनी; 182 मीटर बाकी… फिर कटनी पहुंचेगा नर्मदा का पानी! कलेक्टर की सख्ती से निर्माण एजेंसियों में मचा हड़कंप Aajtak24 News

कटनी - जिले में चल रही करोड़ों रुपये की सिंचाई, सड़क और पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर आशीष तिवारी का सख्त रुख देखने को मिला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी एजेंसियां तय समयसीमा में काम पूरा करें।कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अपर नर्मदा बरगी दायीं तट नहर की स्लीमनाबाद टनल का सिर्फ 182 मीटर कार्य शेष रह गया है। टनल बोरिंग मशीन प्रतिदिन औसतन 3 मीटर खुदाई कर रही है और यदि तकनीकी बाधा नहीं आई तो अगले दो महीने में खुदाई पूरी होने की संभावना है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद कटनी जिले की 21 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी।

बैठक में ढीमरखेड़ा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को 15 मई तक पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। करीब 216 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से 99 गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने का दावा किया गया है। वहीं बहोरीबंद सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। यह परियोजना पूरी होने पर चार तहसीलों की लगभग 46 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होने की उम्मीद है।

बैठक में कटनी शहर को नर्मदा जल उपलब्ध कराने की योजना पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि घिनौची नाले के पक्के निर्माण की कार्ययोजना अभी से तैयार की जाए ताकि पानी रिसाव के कारण व्यर्थ न जाए और शहरवासियों को समय पर पेयजल मिल सके। सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान भी कलेक्टर ने निर्माण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। बरसात से पहले अधूरे कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए। सेतु निर्माण विभाग के एसडीओ की बैठक से अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने जल निगम, पुलिस आवास निगम, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाईवे सहित कई विभागों की परियोजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही और देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल

  1. वर्षों से चल रही सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं में बार-बार समयसीमा बढ़ाई जा रही है, तो क्या प्रशासन यह माने कि मॉनिटरिंग और जवाबदेही में कहीं न कहीं बड़ी कमी रही है?
  2. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई परियोजनाओं की प्रगति धीमी है, क्या निर्माण एजेंसियों पर अब तक किसी प्रकार की आर्थिक दंडात्मक कार्रवाई की गई है?
  3. कटनी शहर को नर्मदा जल पहुंचाने की बात लंबे समय से हो रही है, लेकिन क्या प्रशासन कोई निश्चित तारीख बताएगा जब वास्तव में लोगों के घरों तक नर्मदा का पानी पहुंचेगा?

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