"जनहित के मुद्दों पर वर्षों से संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता ने किया आमरण अनशन का ऐलान

"जनहित के मुद्दों पर वर्षों से संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता ने किया आमरण अनशन का ऐलान 

मऊगंज - जिले में जनहित के मुद्दों को लेकर लंबे समय से आवाज़ उठाने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता ने 9 अगस्त से आमरण अनशन प्रारंभ करने की घोषणा की है। उन्होंने इसे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, प्रशासनिक जवाबदेही और जनता के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं अहिंसक सत्याग्रह बताया है।जारी सार्वजनिक अपील में उन्होंने कहा कि वर्षों से वे जल जीवन मिशन की योजनाओं में अनियमितताओं, शासकीय स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव, किसानों की खाद-बीज की समस्याओं, बिजली आपूर्ति, राजस्व विभाग से जुड़े मामलों, पंचायत व्यवस्था तथा पुलिस प्रशासन से संबंधित जनहित के मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहे हैं। इसके लिए उन्होंने समय-समय पर संबंधित अधिकारियों को आवेदन, ज्ञापन और शिकायतें भी प्रस्तुत कीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उन्हें निराशा हाथ लगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के कारण उनके विरुद्ध कई बार फर्जी मुकदमे भी दर्ज किए गए। इसके बावजूद उन्होंने अपने संघर्ष को संविधान, सत्य और अहिंसा के मार्ग पर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है। सामाजिक कार्यकर्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे आत्महत्या जैसा कदम कभी नहीं उठाएंगे, क्योंकि सत्य और न्याय की लड़ाई से पीछे हटना उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि लोकतांत्रिक तरीके से जवाबदेही की मांग करना अपराध माना जाता है, तो उनके पास महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग को अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

उन्होंने घोषणा की कि आगामी 9 अगस्त, जो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में 'अगस्त क्रांति दिवस' के रूप में भी जाना जाता है, से वे आमरण अनशन पर बैठेंगे। उनका यह आंदोलन भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करने, पीड़ितों को न्याय दिलाने तथा प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की मांग को लेकर संचालित होगा। अपने संदेश में उन्होंने जिले की जनता से नैतिक समर्थन की अपील करते हुए कहा कि यदि समाज भ्रष्टाचार मुक्त और जवाबदेह प्रशासन चाहता है, तो उसे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण जन आंदोलनों के साथ खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों और जनहित के मुद्दों के समाधान के लिए समर्पित है।

अगस्त क्रांति मंच के बैनर तले आयोजित होने वाले इस सत्याग्रह का मूल संदेश है—

> "सत्य के लिए सत्याग्रह, जनता के लिए संघर्ष।"

आमरण अनशन की घोषणा के बाद जिले में इस आंदोलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन जनहित से जुड़े उठाए गए मुद्दों पर क्या रुख अपनाता है और इस लोकतांत्रिक आंदोलन के प्रति किस प्रकार की पहल करता है।

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