मलमास मेले में मनमानी: देवतालाब में पार्किंग के नाम पर 'गुंडा टैक्स' की खुलेआम वसूली

मलमास मेले में मनमानी: देवतालाब में पार्किंग के नाम पर 'गुंडा टैक्स' की खुलेआम वसूली 

मऊगंज/देवतालाब - पवित्र मलमास मेले के दौरान प्रसिद्ध देवतालाब शिव मंदिर में दर्शन करने आ रहे श्रद्धालुओं और आम राहगीरों को प्रशासनिक लापरवाही और स्थानीय ग्राम पंचायत की मनमानी का दंश झेलना पड़ रहा है। शिव मंदिर क्षेत्र में इन दिनों वाहन पार्किंग के नाम पर सरेराह 'अवैध वसूली' का खेल बदस्तूर जारी है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं, जिससे अवैध वसूली करने वाले कारिंदों के हौसले आसमान छू रहे हैं।

मुख्य मार्ग पर पुलिस के बैरिकेड्स लगाकर खुली लूट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवतालाब स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर नईगढ़ी मुख्य मार्ग (हाईवे) पर स्थित है। मलमास मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने वाहनों को सुचारू रूप से खड़ा करने के लिए स्थानीय स्टेडियम में पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की थी। लेकिन, ग्राम पंचायत द्वारा पार्किंग शुल्क वसूली के लिए ठेके पर रखे गए कर्मचारियों ने सारे नियमों को ताक पर रख दिया है। इन कर्मचारियों ने स्टेडियम के बजाय सीधे मुख्य मार्ग पर ही पुलिस के शासकीय बैरिकेड्स लगा दिए हैं। अब इस सड़क से गुजरने वाले हर छोटे-बड़े वाहन को जबरन रोककर पार्किंग शुल्क के नाम पर पैसों की मांग की जा रही है—फिर चाहे वह व्यक्ति मंदिर में दर्शन करने आया हो या सिर्फ उस मार्ग से गुजर रहा हो।

संवेदनहीनता की हद: मरीज को ले जा रहे वाहन से भी वसूला टैक्स

पार्किंग के नाम पर चल रही इस गुंडागर्दी का एक बेहद संवेदनशील और आक्रोशित करने वाला मामला सामने आया है। नईगढ़ी के निवासी शेर अली खान बीते 26 मई को अपने घर से एक गंभीर मरीज का चेकअप कराने के लिए चार पहिया वाहन से रीवा जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी देवतालाब पहुंची, बीच सड़क पर मुस्तैद पंचायत के कर्मचारियों ने रास्ता रोक लिया। शेर अली ने मिन्नतें कीं कि वे न तो मंदिर दर्शन करने आए हैं और न ही गाड़ी पार्क कर रहे हैं, बल्कि मरीज को लेकर अस्पताल जा रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों का दिल नहीं पसीजा और जबरन 40 रुपये वसूलने के बाद ही मरीज की गाड़ी को आगे जाने दिया गया।

जागृत महिला ने वीडियो बनाकर खोली पोल

इस अवैध वसूली और तानाशाही का एक और प्रामाणिक दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। नईगढ़ी मार्ग से अपने परिवार के साथ गुजर रही एक सजग महिला ने जब इस अवैध नाकेबंदी का विरोध किया, तो कर्मचारी बगले झांकने लगे। गाड़ी के सामने अड़कर खड़े कर्मचारियों से जब महिला ने नियम पूछे, तो वे बात टालते हुए 'दूसरे व्यक्ति से मिलने' का बहाना बनाने लगे। महिला ने बिना डरे इस पूरे घटनाक्रम का लाइव वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिसके बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

प्रशासनिक मौन पर उठते गंभीर सवाल

यह मुख्य मार्ग देवतालाब को नईगढ़ी से जोड़ता है, जहां से चौबीसों घंटे हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में क्षेत्र की जनता कई तीखे सवाल उठा रही है:

  • किसी भी पंचायत या ठेकेदार को मुख्य प्रांतीय मार्ग को बैरिकेड्स लगाकर ठप करने का अधिकार किसने दिया?

  • कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले पुलिस के शासकीय बैरिकेड्स इन वसूली करने वालों के हाथों में कैसे पहुंच गए?

  • क्या स्थानीय पुलिस और प्रशासन की शह के बिना बीच सड़क पर इस तरह की गुंडागर्दी संभव है?

मऊगंज कलेक्टर का बयान: जांच के बाद होगी कार्रवाई

इस पूरे गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर मऊगंज, संजय जैन ने मीडिया को बताया:

"वायरल वीडियो और शिकायत हमारे संज्ञान में आई है। हम इस संबंध में तत्काल एसडीएम से पूरी जानकारी और रिपोर्ट तलब कर रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि सड़क पर गलत तरीके से वसूली करने के तथ्य सामने आते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"

जनता की मांग: तुरंत दर्ज हो एफआईआर

मलमास मेले में पुण्य कमाने आ रहे श्रद्धालुओं और जरूरी काम से सफर कर रहे आम राहगीरों ने मऊगंज जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि इस 'लूट तंत्र' को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। बैरिकेड्स हटाकर मार्ग को सुगम बनाया जाए और शासकीय संपत्ति का दुरुपयोग कर आम जनता को प्रताड़ित करने वाले पंचायत कर्मियों व ठेकेदार पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।

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