कोरबा; हर मोड़ पर मौत का डर! अब जागा प्रशासन, NH-130 के ब्लैक स्पॉट पर कलेक्टर-SP की अचानक रेड Aajtak24 News

कोरबा; हर मोड़ पर मौत का डर! अब जागा प्रशासन, NH-130 के ब्लैक स्पॉट पर कलेक्टर-SP की अचानक रेड Aajtak24 News

कोरबा - जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और हाईवे पर जानलेवा साबित हो रहे अंधे मोड़ों को लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। शुक्रवार को कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी ने कटघोरा-चोटिया नेशनल हाईवे-130 के संभावित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान ग्राम बंजारी, मड़ई मोड़, लमना से लेकर चोटिया तक सड़क के कई ऐसे हिस्सों की पहचान की गई, जहां तेज रफ्तार और खराब दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। खासतौर पर घाट क्षेत्र, अंधे मोड़ और रात के समय अंधेरे में डूबे हिस्सों को लेकर अधिकारियों ने गंभीर चिंता जताई।

कलेक्टर और एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मोड़ों से 25 से 50 मीटर पहले रंबल स्ट्रिप लगाए जाएं ताकि वाहन चालकों की गति स्वतः नियंत्रित हो सके। साथ ही अंधेरे वाले क्षेत्रों में सोलर स्टड, कैट आई, रोड स्टड, रेडियम और रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का मानना है कि इन सुरक्षा उपायों से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भी महसूस किया कि कई ग्रामीण सड़कों का मुख्य हाईवे से सीधा जुड़ाव हादसों की बड़ी वजह बन रहा है। इसे देखते हुए मुख्य मार्ग से जुड़ने वाले स्थानों पर स्पीड ब्रेकर लगाने और चेतावनी संकेत बढ़ाने की बात कही गई।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने स्पष्ट कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम केवल चालानी कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा के स्थायी उपाय भी जरूरी हैं। उन्होंने एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा को निर्देश दिए कि पुलिस, नेशनल हाईवे, परिवहन विभाग और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम बनाकर रात के समय निरीक्षण किया जाए और उन स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं।

प्रशासन का यह निरीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब हाईवे पर लगातार हो रहे हादसे स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई मोड़ों पर पर्याप्त संकेतक और रोशनी नहीं होने के कारण रात में वाहन चालकों को सड़क का अंदाजा नहीं लग पाता। अब देखना होगा कि निरीक्षण और निर्देशों के बाद सुरक्षा इंतजाम जमीन पर कितनी तेजी से उतरते हैं। क्योंकि हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि समय पर कार्रवाई सबसे बड़ा सवाल है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर NH-130 के कई हिस्से पहले से दुर्घटना संभावित थे, तो अब तक उन्हें ब्लैक स्पॉट घोषित कर स्थायी सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए?
  2. हर हादसे के बाद निरीक्षण और निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन क्या प्रशासन बता सकता है कि पिछले निरीक्षणों के कितने निर्देश वास्तव में जमीन पर लागू हुए?
  3. रात में अंधेरे, खराब संकेतक और तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं की वजह माना जा रहा है, तो क्या नेशनल हाईवे प्राधिकरण और जिम्मेदार एजेंसियों की लापरवाही तय कर उन पर कार्रवाई होगी?

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