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| नीमच; CSR फंड अब सिर्फ कागज नहीं… नीमच में कलेक्टर का सख्त आदेश Aajtak24 News |
नीमच - कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में कार्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2025-26 के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा की गई और वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित CSR प्लान पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि CSR मद का उपयोग केवल दिखावटी कार्यों में नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन जैसे जनहित के कार्यों में प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य किए जाएं जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे।
बैठक में विभिन्न CSR इकाइयों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसमें मिशन बेंच मार्क के तहत शासकीय स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराना, आंगनवाड़ी केंद्रों का उन्नयन, कौशल विकास केंद्रों की स्थापना और टीबी मरीजों के लिए फूड बास्केट वितरण जैसे कार्य शामिल रहे। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने विशेष रूप से टीबी मरीजों के पोषण सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। साथ ही अल्ट्राटेक सीमेंट खोर द्वारा कौशल विकास केंद्र स्थापना, ग्रीन-को द्वारा जिला चिकित्सालय को ट्रू-नॉट मशीन उपलब्ध कराना और अन्य स्वास्थ्य संबंधी सहयोग को भी सकारात्मक कदम बताया गया।
उन्होंने सभी CSR इकाइयों को निर्देश दिए कि वे विभागों के साथ समन्वय कर कार्य करें, ताकि संसाधनों का सही उपयोग हो और किसी भी प्रकार का कार्य दोहराया न जाए। कलेक्टर ने आगे कहा कि आगामी प्राथमिकताओं में शेष स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराना, सक्षम आंगनवाड़ी परियोजना के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों का उन्नयन, तथा युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करना शामिल होना चाहिए, ताकि उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि CSR फंड से सड़क, सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल भवन निर्माण जैसे स्थायी और उपयोगी कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, साथ ही दिव्यांगजनों और वंचित वर्गों को रोजगार से जोड़ने वाले प्रोजेक्ट भी बढ़ाए जाएं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, डिप्टी कलेक्टर पराग जैन, योगिता भटनागर, उद्योग विभाग के अधिकारी और विभिन्न CSR कंपनियों—अल्ट्राटेक सीमेंट, अडानी विल्मार, धानुका ग्रुप, ग्रीन-को, टाटा सोलर पावर सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- CSR फंड से किए गए कार्यों में कई बार दोहराव की शिकायतें आती रही हैं, क्या इस बार प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि हर प्रोजेक्ट की स्वतंत्र ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक हो?
- स्कूलों और आंगनवाड़ियों में फर्नीचर व सुधार कार्य तो हो रहे हैं, लेकिन क्या प्रशासन के पास यह डेटा है कि इन सुधारों से शिक्षा की गुणवत्ता में कितना वास्तविक बदलाव आया है?
- कौशल विकास केंद्रों के बावजूद बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनी हुई है, क्या CSR कंपनियों के साथ ऐसा कोई मॉडल बनाया गया है जिससे प्रशिक्षित युवाओं को सीधे रोजगार मिले?
