| रीवा; रीवा में सरकारी अनाज की 'सरेराह' चोरी: ट्रक से बोरियां उतारते रंगे हाथों पकड़े गए चालक Aajtak24 News |
रीवा - सहकारी समितियों के माध्यम से होने वाली धान और गेहूं की सरकारी खरीदी में एक बड़े घोटाले और अनियमितता का मामला सामने आया है। ताजा घटनाक्रम में, ट्रक चालकों द्वारा बीच रास्ते में ही अनाज की बोरियां उतारने का प्रत्यक्ष प्रमाण मिला है, जिसने परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।
रंगे हाथों पकड़ी गई चोरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायपुर चाक से लोड होकर निकले ट्रक क्रमांक UP 70 HT 7032 को आज दिन में करीब 11:30 बजे अतरैला के पास संदिग्ध अवस्था में पाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, ट्रक चालक और उसके सहायक खुलेआम सड़क किनारे अनाज की बोरियां उतार रहे थे। जब इस संबंध में पूछताछ की गई, तो हमेशा की तरह 'कम लोडिंग' का बहाना बनाया गया, जबकि वास्तविकता इसके उलट नजर आ रही है।
समितियों पर कर्ज का बोझ, ठेकेदार बेखौफ
सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों से अनाज खरीदा जाता है, लेकिन परिवहन के दौरान होने वाली इस 'घटतौली' का खामियाजा समितियों को भुगतना पड़ता है। सूत्रों का कहना है कि परिवहन ठेकेदारों के अधीन चलने वाले वाहनों के चालक प्रति ट्रक 5 से 10 क्विंटल अनाज अवैध रूप से बाजार में बेच देते हैं। जब अनाज भंडारण केंद्रों (वेयरहाउस) पर पहुंचता है और वजन कम निकलता है, तो इसकी पूरी जवाबदेही समितियों पर डाल दी जाती है। इस प्रक्रिया में समितियां लाखों के कर्ज में डूब रही हैं और दिवालिया होने की कगार पर हैं।
जांच के घेरे में परिवहन एजेंसी
हैरानी की बात यह है कि हर वर्ष इस तरह की चोरियां पकड़ी जाती हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में दोषियों को छोड़ दिया जाता है। सवाल यह उठता है कि जब माल का वजन तौलकर ट्रक पर लादा जाता है, तो रास्ते में कम होने पर परिवहनकर्ता की जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की जाती? परिवहन एजेंसियां मिलीभगत के चलते किसी भी कानूनी कार्रवाई से बच निकलती हैं।
कलेक्टर से कठोर कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के नागरिकों और जागरूक प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि परिवहन और भंडारण के दौरान होने वाले इस अंतर की विस्तृत जांच कराई जाए। वायरल वीडियो में दिख रहे ट्रक और संबंधित परिवहन एजेंसी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि सरकारी धन और किसान की मेहनत का दुरुपयोग रोका जा सके। फिलहाल, यह मामला जांच का विषय है, लेकिन सड़क पर अनाज की बोरियां उतारते हुए वायरल हो रहे वीडियो ने प्रशासन के समक्ष कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।