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| भिंड; एक यूनिट खून… कई जिंदगियों की सांस! भिंड में रक्तवीरों को सलाम Aajtak24 News |
भिंड - विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर भिंड में मानव सेवा, रक्तदान और सामाजिक सरोकारों को समर्पित लोगों का सम्मान किया गया। जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रक्तवीरों, समाजसेवियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर भिंड के मुख्य आतिथ्य और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का समन्वयन रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. शैलेन्द्र परिहार ने किया।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने रक्तदान को सबसे बड़ा जीवनदान बताते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी बचा सकता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की असली ताकत उससे जुड़े लोगों की संख्या और उनकी सेवा भावना से मापी जाती है।
कलेक्टर ने युवाओं से नियमित रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान केवल किसी की जान बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का भी संदेश है। उन्होंने रेडक्रॉस कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए सदस्यता बढ़ाने और अधिक लोगों को मानव सेवा से जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में नवजीवन सहायतार्थ संगठन, जीवनदायनी रक्तदान समिति और संजीवनी रक्तदान समिति सहित कई संस्थाओं को रक्तदान और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
फूप और गोहद में आयोजित रक्तदान शिविरों के रक्तदाताओं सहित समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय लोगों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सहित 50 से अधिक रक्तदाताओं और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संगठन, युवा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर साल रक्तदान शिविर और सम्मान समारोह आयोजित होते हैं, लेकिन क्या जिले में ब्लड की कमी की समस्या पूरी तरह खत्म हो पाई है? अगर नहीं, तो वजह क्या है?
- क्या प्रशासन के पास यह आंकड़ा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कितने लोग अब भी रक्तदान को लेकर जागरूक नहीं हैं, और उनके लिए क्या विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं?
- सम्मान समारोहों से आगे बढ़कर क्या रेडक्रॉस और प्रशासन नियमित ब्लड डोनेशन नेटवर्क तैयार करने की दिशा में कोई स्थायी मॉडल बना रहे हैं?
