छतरपुर; सरकारी योजनाओं को गांव-गांव पहुंचाने की नई रणनीति… छतरपुर में प्रशासन ने NGO नेटवर्क को किया एक्टिव Aajtak24 News


छतरपुर; सरकारी योजनाओं को गांव-गांव पहुंचाने की नई रणनीति… छतरपुर में प्रशासन ने NGO नेटवर्क को किया एक्टिव Aajtak24 News

छतरपुर - जिले में शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी अभियानों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने स्वयंसेवी संगठनों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने की, जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा दृष्टि योजना अंतर्गत “पंख कार्यक्रम” के तहत आयोजित इस बैठक का उद्देश्य जिले में सक्रिय स्वैच्छिक संगठनों का पंजीयन, परीक्षण और मूल्यांकन करना था। बैठक में वन एवं पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि, महिला सशक्तिकरण, नशामुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहे संगठनों ने भाग लिया।

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने स्वयंसेवी संस्थाओं से कहा कि वे केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रहें, बल्कि शासन की योजनाओं को वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में प्रशासन के सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि कई बार पात्र हितग्राही जानकारी के अभाव में योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, ऐसे में स्वयंसेवी संगठन प्रशासन और जनता के बीच मजबूत कड़ी बन सकते हैं। कलेक्टर ने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कोई अच्छा नवाचार हो रहा है या कोई जरूरतमंद व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित है, तो उसकी जानकारी प्रशासन को दी जाए ताकि समय रहते समाधान हो सके।

बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। इस दौरान संस्थाओं की कार्यप्रणाली, मैदानी गतिविधियों, वार्षिक प्रतिवेदन और उपलब्धियों के आधार पर उनकी क्षमता का मूल्यांकन करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। प्रशासन की ओर से बताया गया कि स्वयंसेवी संस्थाओं का प्रत्यायन किया जाएगा, जिससे विभिन्न सरकारी विभागों को अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करने के लिए उपयुक्त और सक्रिय संस्थाओं का चयन करने में सुविधा मिलेगी। बैठक में 48 स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान जिला समन्वयक आशीष ताम्रकार ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. क्या स्वयंसेवी संगठनों के चयन और प्रत्यायन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी, ताकि केवल सक्रिय और जमीनी संस्थाओं को ही अवसर मिले?
  2. सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में NGO की भूमिका बढ़ाने का फैसला क्या प्रशासनिक तंत्र की सीमाओं और कमजोर पहुंच को स्वीकार करना माना जाए?
  3. क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई तंत्र है जिससे यह जांचा जा सके कि स्वयंसेवी संगठन वास्तव में जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं या केवल कागजी गतिविधियों तक सीमित हैं?

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