गरियाबंद; खाली जमीन पर कब्जा नहीं, पेड़ लगेंगे: प्रभारी सचिव का नगरीय निकायों को सख्त संदेश

गरियाबंद; खाली जमीन पर कब्जा नहीं, पेड़ लगेंगे: प्रभारी सचिव का नगरीय निकायों को सख्त संदेश

गरियाबंद - जिले के नगरीय क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण रोकने, प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे कार्यों को पूरा कराने और जन सुविधाओं के विस्तार को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले की प्रभारी सचिव आर. संगीता ने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नगरीय क्षेत्रों में स्थित खाली पड़ी भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखा जाए और इन स्थानों पर अधिक से अधिक छायादार एवं फलदार पौधे लगाए जाएं। उन्होंने पौधारोपण के साथ सभी पौधों की जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उनकी निगरानी और संरक्षण प्रभावी ढंग से किया जा सके।

अधूरे पीएम आवासों पर प्रशासन की सख्ती

प्रभारी सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (नगरीय) के तहत अधूरे पड़े मकानों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन हितग्राहियों को राशि मिलने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में एसडीएम के माध्यम से राजस्व वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाए और शासन द्वारा जारी राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लाभार्थियों ने अब तक मकान निर्माण के लिए नींव तक नहीं खोदी है, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।

बारिश से पहले नालियां और परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश

आगामी मानसून को देखते हुए प्रभारी सचिव ने सभी अधूरी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से नाली निर्माण कार्यों और जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि नालियों पर किए गए अतिक्रमण हटाए जाएं ताकि वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या न उत्पन्न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश शुरू होने से पहले सभी आवश्यक निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर

बैठक में जल संरक्षण के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रभारी सचिव ने कहा कि सभी नगरीय निकायों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। साथ ही शहरों और कस्बों में मौजूद सभी जल स्रोतों और वाटर बॉडी का जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि उनके संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सके।

पीएम स्वनिधि योजना से भी जोड़े जाएंगे हितग्राही

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएं, जिससे वे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय, संयुक्त संचालक एस.के. सुंदरानी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. यदि सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अतिक्रमण रोकना प्राथमिकता है, तो जिले में अब तक कितनी सरकारी भूमि अतिक्रमण की चपेट में है और उसे मुक्त कराने के लिए क्या ठोस कार्रवाई हुई है?

2. प्रधानमंत्री आवास योजना के कई हितग्राही राशि लेने के बाद भी मकान निर्माण पूरा नहीं कर पाए हैं। क्या इसके पीछे केवल लाभार्थी जिम्मेदार हैं या निगरानी तंत्र की भी विफलता है?

3. हर वर्ष बारिश से पहले नालियों की सफाई और जल निकासी सुधारने के निर्देश दिए जाते हैं, फिर भी कई शहरों में जलभराव की समस्या बनी रहती है। इस बार ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या जवाबदेही तय की गई है?

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