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| बालोद; खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का हंटर: 95 दुकानों की जांच, 45 पर कार्रवाई |
बालोद - खरीफ सीजन 2026 को देखते हुए बालोद जिले में किसानों के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कृषि विभाग ने दावा किया है कि जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है और किसानों को वैज्ञानिक अनुशंसाओं के आधार पर खाद वितरित की जा रही है। वहीं उर्वरक विक्रेताओं की मनमानी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त निगरानी शुरू कर दी है। कृषि विभाग के उप संचालक आशीष चन्द्राकर ने बताया कि भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशानुसार किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिले की सहकारी समितियों में गत वर्ष की खपत के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण सुनिश्चित किया गया है।
33 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक का भंडारण
जिले को सहकारी क्षेत्र में कुल 46,300 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य मिला है। इसके विरुद्ध अब तक 33,580 मीट्रिक टन यानी लगभग 72.50 प्रतिशत उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार सहकारी समितियों से अब तक 20,259 मीट्रिक टन उर्वरक का उठाव हो चुका है, जबकि लगभग 13,300 मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी समितियों में उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि जिले के प्रत्येक किसान को उसके रकबे के अनुसार वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
डीएपी और यूरिया के विकल्प पर भी जोर
कृषि विभाग किसानों को केवल यूरिया और डीएपी पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रेरित कर रहा है। विभाग के अनुसार एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) और एनपीके जैसे उर्वरकों का उपयोग कर किसान आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित उर्वरक उपयोग से भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलती है और फसल उत्पादन बेहतर होता है।
95 दुकानों की जांच, कई पर कार्रवाई
उर्वरकों की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। खरीफ सीजन शुरू होने के बाद 1 अप्रैल 2026 से अब तक जिले के 95 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर 36 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 8 विक्रय केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि एक केंद्र का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
अनियमितता पर होगी कड़ी कार्रवाई
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि किसी विक्रेता द्वारा भंडारण, वितरण या मूल्य निर्धारण में अनियमितता की जाती है तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
