| ईंधन बचाने की जंग: पीएम मोदी की अपील पर जबलपुर हाई कोर्ट के जज ने पेश की मिसाल, साइकिल से पहुंचे अदालत |
जबलपुर - पश्चिम एशिया में जारी वैश्विक तनाव और पेट्रोलियम संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई 'ईंधन बचाओ' की अपील का असर अब देश के उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों पर भी दिखने लगा है। मध्य प्रदेश की न्यायधानी जबलपुर में उस वक्त हर कोई हैरान रह गया, जब हाई कोर्ट के माननीय न्यायाधीश जस्टिस द्वारकाधीश बंसल अपनी सरकारी लग्जरी कार छोड़कर साइकिल से अदालत पहुंचे। जस्टिस बंसल की इस सादगी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता ने न केवल कानूनी गलियारों में, बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा छेड़ दी है।
तीन किलोमीटर का सफर: सुरक्षा छोड़ साइकिल का साथ
रविवार और सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, अनावश्यक यात्राओं से बचने और यथासंभव वर्क फ्रॉम होम करने का आग्रह किया था। पीएम की इस अपील को गंभीरता से लेते हुए जस्टिस द्वारकाधीश बंसल सोमवार को सिविल लाइंस स्थित अपने शासकीय आवास से निकले। उनके पास महंगी गाड़ियां और सुरक्षा का काफिला मौजूद था, लेकिन उन्होंने साइकिल को चुना। करीब 3 किलोमीटर का सफर तय कर जब वे हाई कोर्ट पहुंचे, तो वहां मौजूद स्टाफ और वकील उन्हें देखकर दंग रह गए। उनके साथ उनके स्टाफ का एक सदस्य भी साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचा।
"हम जज हैं, इसका मतलब यह नहीं कि हम विशेष हैं"
पत्रकारों से चर्चा करते हुए जस्टिस बंसल ने बेहद विनम्रता से अपनी इस पहल का उद्देश्य साझा किया। उन्होंने कहा, "मैं पिछले दो दिनों से देख रहा हूं कि वैश्विक संकट को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी ने ईंधन बचाने की अपील की है। मुझे लगा कि एक नागरिक होने के नाते यह मेरा कर्तव्य है कि मैं इस संदेश को आम लोगों तक पहुंचाऊं। छोटी दूरियों के लिए हमें साइकिल का उपयोग करना चाहिए।"
साइकिल चलाने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने बड़ी बात कही। जस्टिस बंसल ने कहा, "सिर्फ इसलिए कि हम हाई कोर्ट के जज हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि हम विशेष हैं। हम भी इसी समाज और देश का हिस्सा हैं। मैं अक्सर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा के साथ शहर में साइकलिंग करता हूं, इसलिए यह मेरे लिए कोई नया काम नहीं है, बल्कि देश सेवा का एक छोटा सा प्रयास है।"
क्यों पैदा हुआ ईंधन का संकट?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों और पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता ने वैश्विक तेल बाजार को हिलाकर रख दिया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते पीएम मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए 'तेल बचाओ, देश बचाओ' का नारा दिया है। पीएम ने नागरिकों से एक साल तक सोना (Gold) न खरीदने की भी अपील की है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखा जा सके।
प्रशासन और जनता के लिए बड़ा संदेश
जस्टिस बंसल की इस पहल ने एक बड़ा संदेश दिया है कि जब न्यायपालिका के शीर्ष पदों पर बैठे लोग देश हित में अपनी सुख-सुविधाएं छोड़ सकते हैं, तो आम नागरिक को भी अपना योगदान देना चाहिए। शहर के प्रबुद्धजनों और पर्यावरणविदों ने जस्टिस बंसल की इस पहल की सराहना करते हुए इसे 'ग्रीन जस्टिस' का नाम दिया है।