रीवा; ज़मीन पर बैठे कलेक्टर… गांव वालों ने खोल दी समस्याओं की पूरी फाइल Aajtak24 News

रीवा; ज़मीन पर बैठे कलेक्टर… गांव वालों ने खोल दी समस्याओं की पूरी फाइल Aajtak24 News

रीवा - जिले के सकरवट गांव में उस समय अलग माहौल देखने को मिला, जब कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने देर शाम गांव पहुंचकर जमीन पर बैठकर ग्रामवासियों की समस्याएं सुनीं। ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने भी बेझिझक गांव की समस्याएं एक-एक कर कलेक्टर के सामने रखीं। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर वे शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और लोगों से सीधे संवाद करने गांव पहुंचे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से खुलकर अपनी समस्याएं बताने की अपील की। ग्रामवासियों ने गांव में सड़क व्यवस्था खराब होने, राजस्व रिकॉर्ड में सड़कों के दर्ज नहीं होने और सुमेदा तक सड़क निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों ने मुख्य सड़क खोदकर अवरोध पैदा किए जाने से हो रही परेशानी का मुद्दा भी सामने रखा। इसके अलावा ट्रांसफार्मर सुधार, बनकुइयाँ बांध की मरम्मत, खेल मैदान के लिए भूमि उपलब्ध कराने और पशु चिकित्सा सुविधा शुरू करने की मांग भी की गई।

ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र नियमित नहीं खुलने और गांव में दो नए आंगनबाड़ी केंद्र खोले जाने की मांग भी कलेक्टर से की। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी से काम करने को कहा।कलेक्टर ने गांव के विद्यालय में पढ़ने वाले एक छात्र से मध्यान्ह भोजन और पढ़ाई की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। छात्र के आत्मविश्वास से जवाब देने पर कलेक्टर ने कहा कि “रीवा की धरती विद्वानों की धरती है।”

जल संकट को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी हैंडपंपों में स्थानीय लोगों ने मोटर डाल रखी है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि अब यह मोटर शासकीय मानी जाएगी और सभी ग्रामीणों को इससे पानी मिलेगा। उन्होंने पीएचई विभाग को 15 जून तक नलजल योजना के तहत घर-घर पानी पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गांव की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर खेल मैदान विकसित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही ग्रामीणों से नशे से दूर रहने, फार्मर रजिस्ट्री कराने और शासन की योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। ग्राम चौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारी और तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला भी मौजूद रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर गांव में आंगनबाड़ी नियमित नहीं खुल रही थी और सड़क जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई थीं, तो संबंधित अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
  2. सरकारी हैंडपंपों पर निजी मोटर लगाने की स्थिति आखिर प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाती? यह व्यवस्था कब से चल रही थी?
  3. ग्राम चौपाल में कई समस्याओं पर आश्वासन दिए गए, लेकिन क्या प्रशासन इनके समाधान की तय समयसीमा सार्वजनिक करेगा ताकि ग्रामीण प्रगति की निगरानी कर सकें?

Post a Comment

Previous Post Next Post