![]() |
| सीधी; ठेले वालों को मिलेगा कारोबार का ‘बूस्टर डोज’! स्वनिधि योजना पर प्रशासन का बड़ा फोकस Aajtak24 News |
सीधी - जिले में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन नगर पालिका सीधी के सभाकक्ष में किया गया। कार्यशाला कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश और डिप्टी कलेक्टर सह परियोजना अधिकारी प्रिया पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। कार्यशाला में जिले के सभी नगरीय निकायों के बैंक प्रबंधक, लीड बैंक प्रबंधक, संबंधित विभागीय अधिकारी और स्व-सहायता समूह की महिलाएं शामिल हुईं। बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के उद्देश्यों, तय लक्ष्यों और वर्तमान प्रगति की समीक्षा की गई।
डिप्टी कलेक्टर प्रिया पाठक ने बैंक प्रबंधकों को निर्देश देते हुए कहा कि 30 सितंबर 2026 तक शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से ऋण स्वीकृत और वितरित करना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि छोटे व्यवसायियों और रेहड़ी-पटरी संचालकों को आर्थिक मजबूती मिल सके।
बैठक में योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विभागों और बैंकिंग संस्थाओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने भी हितग्राहियों तक अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का उद्देश्य छोटे दुकानदारों, ठेला-व्यवसायियों और फुटपाथ विक्रेताओं को आसान ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। प्रशासन का मानना है कि इससे छोटे कारोबारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- स्वनिधि योजना की कई बैठकों और कार्यशालाओं के बावजूद बड़ी संख्या में रेहड़ी-पटरी व्यवसायी अब भी ऋण से वंचित क्यों हैं?
- क्या प्रशासन के पास यह आंकड़ा है कि अब तक स्वीकृत ऋणों में कितने हितग्राहियों को वास्तव में समय पर राशि मिली और कितने आवेदन बैंक स्तर पर लंबित हैं?
- अगर 30 सितंबर तक लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, तो क्या संबंधित बैंक अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी?
