देवास; घर-घर पहुंची जनगणना टीम… कलेक्टर खुद उतरे मैदान में Aajtak24 News

देवास; घर-घर पहुंची जनगणना टीम… कलेक्टर खुद उतरे मैदान में Aajtak24 News

देवास - राष्ट्रीय जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत देवास जिले में चल रहे मकान सूचीकरण कार्य की जमीनी हकीकत जानने कलेक्टर ऋतुराज सिंह खुद मैदान में उतर गए। उन्होंने देवास शहर के आवास नगर क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रगणकों द्वारा किए जा रहे कार्य का निरीक्षण किया और डेटा संग्रहण की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एक प्रगणक से अपने सामने पूरी प्रश्नावली भरवाई और देखा कि परिवारों से किस प्रकार जानकारी ली जा रही है। उन्होंने प्रगणकों से अब तक पूरे हुए कार्य और शेष लक्ष्य की जानकारी भी ली।

कलेक्टर ने फील्ड में कार्य कर रहे कर्मचारियों के आईडी कार्ड और शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री की भी जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रगणक फील्ड में कार्य के दौरान अपना पहचान पत्र अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की शंका न हो। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय नागरिकों से भी चर्चा की और उनसे अपील की कि वे सही और सटीक जानकारी दें, क्योंकि इसी डेटा के आधार पर भविष्य की सरकारी योजनाएं तैयार की जाएंगी। उन्होंने प्रगणकों को भी निर्देशित किया कि नागरिकों से धैर्य और विनम्रता के साथ जानकारी एकत्र की जाए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान नागरिकों से किसी प्रकार की संवेदनशील या निजी वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी। प्रगणक आधार नंबर, पैन कार्ड, बैंक डिटेल या किसी प्रकार का OTP नहीं पूछेंगे। नागरिकों से कहा गया है कि वे प्रगणकों का आधिकारिक पहचान पत्र देखकर ही जानकारी साझा करें। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत जिले में मकान सूचीकरण का कार्य 30 मई 2026 तक चलेगा। प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर जाकर डेटा एकत्र कर रहे हैं। इस दौरान नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, अपर कलेक्टर संजीव जैन और तहसीलदार सपना शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर जनगणना का डेटा भविष्य की योजनाओं का आधार है, तो क्या प्रशासन के पास गलत या फर्जी जानकारी की जांच के लिए कोई मजबूत सत्यापन व्यवस्था है?
  2. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई लोग डिजिटल प्रक्रिया और मोबाइल ऐप से परिचित नहीं हैं, तो क्या डेटा एंट्री में त्रुटियों की आशंका से इंकार किया जा सकता है?
  3. प्रशासन कह रहा है कि आधार, बैंक डिटेल और OTP नहीं मांगा जाएगा, फिर भी अगर कोई फर्जी व्यक्ति जनगणना कर्मी बनकर धोखाधड़ी करता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा?

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