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| शाजापुर; सड़क से स्टेडियम तक… अब लेटलतीफी नहीं चलेगी! शाजापुर में मंत्री का सख्त अल्टीमेटम Aajtak24 News |
शाजापुर - शाजापुर में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और गुणवत्ता को लेकर प्रशासनिक अमले को सख्त संदेश देते हुए प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री एवं जिला प्रभारी नारायणसिंह कुशवाह ने कहा कि सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा और पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभिन्न विभागों के अधूरे और प्रगतिरत निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में सड़क निर्माण, छात्रावास भवन, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, पुल, अमृत 2.0 योजना, जल जीवन मिशन, सीसी सड़क, आरसीसी नाली, पार्क निर्माण, एसटीपी और जल संरक्षण कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे, इसके लिए कार्यों को पारदर्शिता और व्यवस्थित कार्ययोजना के साथ पूरा किया जाए। बैठक में चिल्लर नदी के सौंदर्यीकरण और नौका पर्यटन विकसित करने का प्रस्ताव भी प्रमुखता से सामने आया। मंत्री ने निर्देश दिए कि नदी में मिलने वाले नालों के पानी का पृथक प्रबंधन किया जाए और नदी की साफ-सफाई कर पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जाए। साथ ही बारिश से पहले सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई और जर्जर नालों की मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नदी-नालों, कुओं, बावड़ियों और तालाबों की सफाई एवं निर्माण कार्यों को तेज करने के निर्देश भी दिए गए। जिला पंचायत सीईओ अनुपमा चौहान ने बताया कि जिले में यह अभियान 30 जून 2026 तक चलाया जा रहा है। बैठक में गेहूं उपार्जन कार्य की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और भुगतान समय पर किया जाए। इसके अलावा पेयजल संकट, ट्रांसफार्मर उपलब्धता और निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, विधायक अरूण भीमावद, पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर समीक्षा बैठक में समयसीमा और गुणवत्ता की बात होती है, लेकिन जिले में अब भी कई निर्माण कार्य अधूरे क्यों पड़े हैं? जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई?
- चिल्लर नदी के सौंदर्यीकरण और नौका पर्यटन की योजना कितनी व्यावहारिक है, जब शहर के कई हिस्सों में अब भी मूलभूत जल निकासी और सफाई व्यवस्था ही ठीक नहीं है?
- जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 जैसी बड़ी योजनाओं पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं, फिर भी कई क्षेत्रों में पेयजल संकट बना हुआ है— क्या सरकार इन योजनाओं के जमीनी ऑडिट के लिए तैयार है?
