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| शिवपुरी; कलेक्टर पहुंचे तो खुल गई पोल! अस्पताल के बाहर गंदगी देख भड़के अफसर Aajtak24 News |
शिवपुरी - जिले के ग्राम राजगढ़ में उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई जब कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा अचानक निरीक्षण के लिए गांव पहुंच गए। औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आई, जहां गंदगी और अन्य कमियों को देखकर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर के सामने रखीं। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने एसडीएम कोलारस अनूप श्रीवास्तव को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद गांव में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी गईं।
एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के आसपास गंदगी और व्यवस्थागत कमियां पाई गई थीं, जिन्हें तत्काल दूर कराया गया। प्रशासन की टीम ने मौके पर ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई और ग्रामीणों की अन्य समस्याओं पर भी संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम चौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। प्रशासन का कहना है कि सभी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर अर्पित वर्मा लगातार जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर उन्होंने सभी एसडीएम को नियमित निरीक्षण करने और लापरवाही मिलने पर तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति इतनी खराब थी कि कलेक्टर को मौके पर नाराजगी जतानी पड़ी, तो स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी और जिम्मेदार कर्मचारी अब तक क्या कर रहे थे?
- क्या प्रशासनिक दौरे के बिना गांवों में सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुधर नहीं सकतीं? आखिर शिकायतों के बाद ही कार्रवाई क्यों होती है?
- ग्रामीणों की समस्याएं चौपाल में सुनी गईं, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि पिछली चौपालों और निरीक्षणों में मिली शिकायतों में से कितनी समस्याओं का स्थायी समाधान हुआ?
