सीहोर; जिला न्यायालय सहित सभी खंडपीठों पर नेशनल लोक अदालत आयोजित Aajtak24 News

सीहोर; जिला न्यायालय सहित सभी खंडपीठों पर नेशनल लोक अदालत आयोजित Aajtak24 News

सीहोर - जिला न्यायालय परिसर सहित जिले की सभी तहसील स्तरीय खंडपीठों पर नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई। जिला न्यायालय परिसर में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री संजीव कुमार अग्रवाल ने नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस बार नेशनल लोक अदालत में 4119 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस बार नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य ट्रैफिक चालानो के साथ राजस्व मामले भी रखे एवं निराकृत किये गये है। 

प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अग्रवाल ने कहा कि यह लोक अदालत पक्षकारों के लिए एक वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इसमें पक्षकारों को हर प्रकार से जीत प्राप्त होती है। लोक अदालत की सबसे सुंदर बात है कि यहां कोई हारता नहीं है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने नेशनल लोक अदालत की रूपरेखा की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर में बैंक, नगर पालिका और विद्युत विभाग सहित सभी विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया और नागरिकों की समस्याएं सुनकर त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए। शुभारंभ अवसर पर श्री सत्य साई विधि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी वितरित किये गये।

नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु गठित खण्डपीठों में नेशनल लोक अदालत मे आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराये जाने हेतु लंबित कुल 1866 प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामा के आधार पर किया गया और समझौता राशि 03 करोड़ 64 लाख 62 हजार 779 रूपये जमा कराई गई। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ के समक्ष कुल 2253 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया और समझौता राशि 02 करोड़ 96 लाख 79 हजार 68 रूपये जमा कराई गई। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में कुल 4119 प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें 06 करोड़ 61 लाख 41 हजार 847 रूपये  समझौता राशि जमा हुई।

श्रीमती पिंकी सेन और उनके पति मोहन सेन के माध्य छोटी मोटी बातों को लेकर बनी अलगाव की स्थिति का मामला जब नेशनल लोक अदालत में पहुंचा तो, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री वैभव मंडलोई के न्यायालय में दोनों दंपत्तियों को समझाइश दी गई। समझाइश के पश्चात् दोनो दंपत्ती खुशी-खुशी साथ जाने को सहमत हुए। इसी प्रकार श्रीमती समन जहां और उनके पति सो‍हेब के प्रकरण में भी यही बात देखने को मिली। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत ने न सिर्फ पारिवारिक विवाद सुलझाया, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा लिया।

नेशनल लोक अदालत में 70 वर्षीय बुजुर्ग श्रीमती सलमा अंसारी अपने कई वर्षों के बकाया विद्युत बिल में राहत के लिए पहुंची थी। निवेदन के बाद सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह द्वारा बुजुर्ग श्रीमती सलमा अंसारी की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों से सामंजस्य स्थापित किया गया और बिल राशि में छूट दिलाई गई। इसके साथ ही बकाया बिल को किश्तों में जमा करने की सुविधा भी दिलाई गई।

प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अग्रवाल एवं नगर पालिका सीएमओ श्री सुधीर कुमार द्वारा जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत सीहोर नगरीय क्षेत्र में मकान सूचीकरण का कार्य पूर्ण करने वाले वार्ड क्रमांक की प्रगणक श्रीमती डॉली कुशवाह और वार्ड क्रमांक 35 के प्रगणक श्री राजेश्वर तिवारी को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री वैभव मण्डलोई, विशेष न्यायाधीश श्री हेमंत जोशी, पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना, जिला न्यायाधीश श्रीमती स्मृतासिंह ठाकुर, जिला न्यायाधीश श्री एम.के. वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती विनीता गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री अनिल पारे, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीशान खान, विद्युत विभाग की महाप्रबंधक पूनम तुमराम, नगर पालिका सीएमओ श्री सुधीर कुमार, एलडीएम श्री जयदीप भट्टाचार्य, छात्र-छात्राएं, एनजीओ के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, पैनल एवं अन्य अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स, खण्डपीठ सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण, पक्षकारगण न्यायालयीन कर्मचारीगण, पैरालीगल वालेन्टियर्स आदि उपस्थित रहे।

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