जांजगीर-चांपा; नल तो लगे, लेकिन पानी कब आएगा? कलेक्टर पहुंचे गांव, ग्रामीणों ने खोल दी जल जीवन मिशन की हकीकत Aajtak24 News

जांजगीर-चांपा; नल तो लगे, लेकिन पानी कब आएगा? कलेक्टर पहुंचे गांव, ग्रामीणों ने खोल दी जल जीवन मिशन की हकीकत Aajtak24 News

जांजगीर-चांपा - जिले में जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर जन्मेजय महोबे खुद गांवों में पहुंचे। बलौदा विकासखंड के जुनाडीह और बुडगहन गांव में निरीक्षण के दौरान उन्होंने घर-घर जाकर ग्रामीणों से पानी की उपलब्धता, नल कनेक्शन और नियमित जल वितरण की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने उन परेशानियों को खुलकर रखा, जिनका सामना वे लंबे समय से कर रहे हैं। बुडगहन गांव में लोगों ने बताया कि मुख्य मार्ग के नीचे डाली गई पीव्हीसी पाइपलाइन भारी वाहनों के दबाव से बार-बार टूट जाती है। इसका सीधा असर गांव की जलापूर्ति पर पड़ता है और कई बार लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने मौके पर मौजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को तत्काल स्थायी समाधान की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल जीवन मिशन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर घर तक नियमित और गुणवत्तापूर्ण पानी पहुंचना जरूरी है।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने हितग्राहियों के घर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखी। ग्रामीणों ने बताया कि कई जगह नल कनेक्शन तो दिए गए हैं, लेकिन पानी की नियमित आपूर्ति अब भी चुनौती बनी हुई है। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए।

सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर ग्रामीण घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं ने यह संकेत दिया कि जमीनी स्तर पर कई तकनीकी और प्रबंधन संबंधी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या निरीक्षण और निर्देशों के बाद वास्तव में जल संकट का स्थायी समाधान होगा, या फिर पाइपलाइन टूटने और पानी बंद होने की समस्या पहले की तरह जारी रहेगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो फिर ऐसी पाइपलाइन क्यों बिछाई गई जो भारी वाहनों का दबाव तक नहीं झेल पा रही?
  2. ग्रामीणों का कहना है कि कई जगह नल कनेक्शन हैं लेकिन नियमित पानी नहीं आता, तो क्या प्रशासन के पास “हर घर जल” की वास्तविक मॉनिटरिंग रिपोर्ट मौजूद है?
  3. क्या जल जीवन मिशन के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए किसी एजेंसी की जवाबदेही तय की गई है, और पाइपलाइन क्षति के लिए कौन जिम्मेदार माना जाएगा?

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