बेमेतरा; चाबी हाथ में, लेकिन क्या बदली ज़िंदगी? सुशासन तिहार में मंत्री ने बांटे पक्के घर Aajtak24 News

बेमेतरा; चाबी हाथ में, लेकिन क्या बदली ज़िंदगी? सुशासन तिहार में मंत्री ने बांटे पक्के घर Aajtak24 News

बेमेतरा - जिले की ग्राम पंचायत सेमरिया में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के दौरान सरकार ने एक बार फिर योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का संदेश देने की कोशिश की। जनसमस्या निवारण शिविर और हितग्राही सम्मेलन में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का सबसे प्रमुख क्षण तब सामने आया जब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अपना घर पूरा कर चुके चार हितग्राहियों को पक्के मकान की चाबियाँ और आवास पूर्णता प्रमाण पत्र सौंपे गए। अपने नए घर की चाबी पाकर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। गांव में इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा गया।

मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के सपनों को साकार कर रही है और “सुशासन तिहार” शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बन चुका है। शिविर में मंत्री ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। कई मामलों का मौके पर निराकरण करने का दावा किया गया, जबकि अन्य प्रकरण संबंधित विभागों को भेजे गए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ मिले।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह संकेत भी दिया कि गांवों में अब भी सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों की अपेक्षाएं काफी बड़ी हैं। हालांकि मंच पर पक्के मकानों की चाबियाँ बांटी गईं, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या केवल घर मिल जाने से ग्रामीणों की सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी? गांवों में रोजगार, पेयजल, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी चुनौतियां अब भी मौजूद हैं। ऐसे में “सुशासन तिहार” लोगों के लिए राहत का जरिया जरूर बन रहा है, लेकिन स्थायी बदलाव के लिए जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी और जवाबदेही की जरूरत बनी हुई है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चाबियाँ बांटी जा रही हैं, लेकिन जिले में अब भी कितने पात्र परिवार पक्के मकान से वंचित हैं और उनकी सूची सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती?
  2. सुशासन तिहार में समस्याओं के मौके पर निराकरण का दावा हो रहा है, तो फिर ग्रामीणों को हर बार शिविर लगने का इंतजार क्यों करना पड़ता है?
  3. सरकार पारदर्शिता की बात कर रही है, तो क्या प्रशासन यह बताएगा कि आवास योजनाओं में निर्माण गुणवत्ता और लाभार्थी चयन की स्वतंत्र निगरानी कैसे की जा रही है?

Post a Comment

Previous Post Next Post