रायगढ़; सरवानी शिविर में 20 पंचायतों से पहुंचे ग्रामीण, मौके पर 123 मामलों का समाधान Aajtak24 News

रायगढ़; सरवानी शिविर में 20 पंचायतों से पहुंचे ग्रामीण, मौके पर 123 मामलों का समाधान Aajtak24 News

रायगढ़ - जिले के खरसिया विकासखंड के ग्राम सरवानी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ने एक ओर सरकार की योजनाओं का प्रदर्शन किया, तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी परेशानियों को भी सामने ला दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार आयोजित “सुशासन तिहार” के तहत हुए इस शिविर में 20 ग्राम पंचायतों से पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। शिविर में 750 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पंचायत, राजस्व, आवास, पानी, स्वास्थ्य और श्रम विभाग से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं। प्रशासन की ओर से दावा किया गया कि 123 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जबकि बाकी मामलों को ऑनलाइन दर्ज कर समय-सीमा में समाधान का आश्वासन दिया गया।

शिविर में योजनाओं का लाभ बांटने का सिलसिला भी चला। स्वास्थ्य विभाग ने सिकल सेल प्रमाण पत्र और आयुष्मान वय वंदन कार्ड वितरित किए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पांच हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र और प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर पोषण सामग्री वितरित की। वहीं बिहान योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहायता और “लखपति दीदी” प्रमाण पत्र देकर आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया।

श्रम विभाग द्वारा श्रम कार्ड वितरित किए गए और पीएचई विभाग ने गांवों को एफटीके किट प्रदान की। उद्यान विभाग ने फलदार पौधे बांटे। विभागीय स्टॉलों में ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी भी दी गई। गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था की थी। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्वयं शिविर का निरीक्षण कर अधिकारियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन को जनता के करीब लाना है।

लेकिन सवाल यह भी है कि यदि शासन की योजनाएं लगातार चल रही हैं, तो फिर एक ही शिविर में 750 से अधिक आवेदन क्यों पहुंचे? ग्रामीणों की इतनी बड़ी संख्या में समस्याएं सामने आना इस बात का संकेत भी है कि गांवों में बुनियादी सुविधाओं और सरकारी सेवाओं की पहुंच अब भी अधूरी है।शिविर ने राहत जरूर दी, लेकिन यह भी साफ कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सक्रियता केवल शिविरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि स्थायी समाधान तक पहुंचनी चाहिए।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब शासन “सुशासन” का दावा कर रहा है, तो फिर एक ही शिविर में 750 से अधिक शिकायतें और मांगें सामने आने की वजह क्या है?
  2. 123 आवेदनों के मौके पर निराकरण का दावा किया गया, लेकिन बाकी सैकड़ों मामलों की निगरानी और समयसीमा सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
  3. लखपति दीदी और योजनाओं की बात हो रही है, लेकिन क्या प्रशासन यह बता सकता है कि क्षेत्र के कितने परिवार अब भी पक्के घर, स्वच्छ पानी और स्थायी रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं?

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