सिवनी; जनगणना की रफ्तार पर प्रशासन की नजर! धीमा काम मिला तो अफसरों ने मौके पर बढ़ाया स्टाफ Aajtak24 News

सिवनी; जनगणना की रफ्तार पर प्रशासन की नजर! धीमा काम मिला तो अफसरों ने मौके पर बढ़ाया स्टाफ Aajtak24 News

सिवनी - जिले में चल रहे जनगणना-2027 के मकान सूचीकरण कार्य की प्रगति जांचने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने रविवार को नगरीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां कई क्षेत्रों में काम संतोषजनक पाया गया, वहीं एक क्षेत्र में कार्य की रफ्तार धीमी मिलने पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए।अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी सुनीता खण्डायत, संभागीय प्रभारी अधिकारी एवं सहायक निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल सुधीर कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने बुधवारी क्षेत्र की विभिन्न एचएलबी का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान एचएलबी क्रमांक 85, 86 और 46 में प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा किए जा रहे मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से चर्चा कर प्रगति की जानकारी ली। बताया गया कि अधिकांश क्षेत्रों में 70 से 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जिला जनगणना अधिकारी सुनीता खण्डायत ने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य पूरी गुणवत्ता और तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए डाटा को अच्छी तरह जांचने के बाद ही सिस्टम में सिंक किया जाए।

निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि नागरिकों से जानकारी लेने से पहले अपना परिचय पत्र अवश्य दिखाएं ताकि लोगों में विश्वास बना रहे और किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने। साथ ही किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या की जानकारी तत्काल चार्ज अधिकारी को देने को कहा गया। एचएलबी क्रमांक 46 में कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी पाए जाने पर संबंधित चार्ज अधिकारी को अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जनगणना अधिकारी एस.आर. मरावी, शुभम श्रीवास्तव, विशाल सिंह मस्कोर्ल तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. यदि कुछ क्षेत्रों में जनगणना कार्य की गति धीमी पाई गई, तो क्या प्रशासन ने पहले से पर्याप्त स्टाफ और संसाधनों की व्यवस्था नहीं की थी?
  2. जनगणना में गुणवत्ता और त्रुटिरहित डाटा पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन क्या प्रगणकों को तकनीकी प्रशिक्षण और फील्ड सपोर्ट पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराया गया है?
  3. जनगणना कर्मचारियों को परिचय पत्र दिखाने के निर्देश दिए गए हैं, तो क्या जिले में फर्जी सर्वे या धोखाधड़ी की शिकायतों की आशंका को लेकर प्रशासन सतर्क है?

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