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| सीधी; पानी-बिजली में लापरवाही पड़ी भारी तो होगी कार्रवाई” — सीधी में कलेक्टर का अल्टीमेटम Aajtak24 News |
सीधी - गर्मी के बढ़ते असर और जनता की मूलभूत समस्याओं को देखते हुए सीधी जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर विकास मिश्रा ने अधिकारियों को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली, जल संरक्षण और लोक सेवा गारंटी जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि आमजन को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ा तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई तय मानी जाए।
बैठक में ग्रीष्मकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि जिले के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पेयजल स्रोतों में नियमित क्लोरीनेशन कराने और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएं ताकि गर्मी में बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके।
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने और बिजली बाधित होने की स्थिति में त्वरित सुधार कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में बिजली आमजन की बुनियादी जरूरत है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही गंभीर मानी जाएगी।
बैठक में “जल गंगा संवर्धन अभियान” की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण और संवर्धन से जुड़े सभी कार्य 31 मई तक हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने गुणवत्ता से समझौता न करने और समयसीमा का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों पर नाराज़गी जताते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मई अंत तक सभी प्रकरणों का निराकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। जून महीने से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा होगी और अनावश्यक देरी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के समाधान को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। शासन की प्राथमिक योजनाओं में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने परिवहन और भंडारण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं “किसान कल्याण वर्ष” के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को किसानों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने को कहा गया।
बैठक में कलेक्टर ने सभी शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा जल संरक्षण भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत है और इसमें सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर साल गर्मी में पेयजल और बिजली संकट पर समीक्षा बैठकें होती हैं, फिर भी जमीनी स्तर पर समस्याएं क्यों बनी रहती हैं? जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
- लोक सेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन में लगातार लंबित मामलों का मतलब क्या प्रशासनिक व्यवस्था आम जनता की शिकायतों के समाधान में विफल हो रही है?
- जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 31 मई तक कार्य पूर्ण करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन क्या प्रशासन के पास इन कार्यों का स्वतंत्र भौतिक सत्यापन तंत्र भी मौजूद है?
