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| रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आत्महत्या के लिए उकसाने का फरार आरोपी गिरफ्तार Aajtak24 News |
रायगढ़ - जिले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस के विशेष अभियान “ऑपरेशन तलाश” के तहत लैलूंगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2019 के चर्चित आत्महत्या दुष्प्रेरण मामले में फरार आरोपी भानूराम पैकरा उर्फ जमुनाडिहा को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, 12 मार्च 2019 को थाना लैलूंगा में दर्ज मामले में आरोप लगाया गया था कि गांव में आयोजित पंचायत के दौरान एक युवक के साथ मारपीट, अपमान और मानसिक प्रताड़ना की गई थी। पंचायत में हुई घटना से युवक मानसिक रूप से टूट गया था और अगले ही दिन उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था।
मामले की जांच के दौरान कई लोगों की संलिप्तता सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। विवेचना के दौरान अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि कुछ आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुराने और गंभीर मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में “ऑपरेशन तलाश” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया।
पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों में आरोपी की भूमिका पाए जाने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में अभी भी कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि गंभीर अपराधों में शामिल होकर कानून से बचने की कोशिश करने वाले आरोपियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। “ऑपरेशन तलाश” के तहत हर फरार आरोपी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि मामला इतना संवेदनशील था तो मुख्य आरोपी 7 वर्षों तक पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे रहा, क्या शुरुआती जांच और गिरफ्तारी अभियान में कहीं न कहीं लापरवाही हुई थी?
- गांव की पंचायत में युवक के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना हुई थी, तो क्या पुलिस ने उस पंचायत को आयोजित करने वाले प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी गहराई से जांच की है?
- पुलिस अब ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत कार्रवाई की बात कर रही है, लेकिन क्या इस दौरान फरार आरोपियों को स्थानीय स्तर पर किसी का संरक्षण मिलता रहा, और यदि हां तो उस पर क्या कार्रवाई होगी?
