खरगोन; गेहूं केंद्रों पर किसानों की कतारें देख भड़की कलेक्टर: पानी-छांव से लेकर ट्रांसपोर्ट तक अफसरों को फटकार Aajtak24 News

खरगोन; गेहूं केंद्रों पर किसानों की कतारें देख भड़की कलेक्टर: पानी-छांव से लेकर ट्रांसपोर्ट तक अफसरों को फटकार Aajtak24 News

खरगोन - जिले में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागृह में आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल ने किसानों की सुविधाओं, उपार्जन व्यवस्था और लंबित जनहित प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में बडूद उपार्जन केंद्र पर किसानों की लंबी कतारों और असुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा। कलेक्टर ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि केंद्रों पर किसानों के लिए पीने के पानी, छाया और अन्य मूलभूत सुविधाओं की तत्काल समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को घंटों धूप में खड़ा रहने की नौबत नहीं आनी चाहिए।

गेहूं परिवहन में देरी पर अतिरिक्त वाहनों के निर्देश

उपार्जन के बाद गेहूं परिवहन में आ रही दिक्कतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने डीएम नान को बड़वाह, सनावद और बागोद क्षेत्रों में दो-दो अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवहन कार्य में देरी होने से उपार्जन केंद्रों पर दबाव बढ़ता है और किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

जल संरक्षण कार्यों को माह अंत तक पूरा करने के निर्देश

बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत अमृत सरोवर, फॉर्म पोंड और वाटरशेड से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को सभी रिपेयरिंग और मेंटेनेंस कार्य माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण कार्यों में लापरवाही भविष्य में गंभीर जल संकट को जन्म दे सकती है।

ई-विकास पोर्टल की दिक्कतों पर त्वरित समाधान के निर्देश

किसानों को ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक वितरण के दौरान आ रही तकनीकी और व्यवस्थागत समस्याओं को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। कलेक्टर ने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं का तत्काल और प्रभावी समाधान किया जाए ताकि खाद वितरण प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बनी रहे।

लंबित शिकायतों और न्यायालयीन मामलों पर भी सख्ती

सीएम हेल्पलाइन और जन आकांक्षा पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाब प्रस्तुत करने और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती रेखा राठौड़, जिला पंचायत सीईओ श्री मिलिंद कुमार नागदेवे, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आकांक्षा अग्रवाल सहित सभी एसडीएम और जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब हर साल उपार्जन केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें और अव्यवस्थाएं सामने आती हैं, तो प्रशासन पहले से पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं कर पाता?
  2. ई-विकास पोर्टल को किसानों के लिए आसान और पारदर्शी बताया जा रहा है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण यदि किसान समय पर उर्वरक नहीं ले पाए तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
  3. सीएम हेल्पलाइन और जन आकांक्षा पोर्टल पर लगातार लंबित शिकायतें क्या यह साबित नहीं करतीं कि जमीनी स्तर पर विभागीय जवाबदेही अब भी कमजोर है?

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