मुरैना; गांव की ‘सूचना नस’ को मिला बड़ा भरोसा! कोटवारों को पहचान पत्र और वर्दी का सीधा भुगतान Aajtak24 News

मुरैना; गांव की ‘सूचना नस’ को मिला बड़ा भरोसा! कोटवारों को पहचान पत्र और वर्दी का सीधा भुगतान Aajtak24 News

मुरैना - मुरैना में आयोजित कोटवार सम्मेलन में प्रशासन ने गांव स्तर पर सूचना व्यवस्था को मजबूत करने में कोटवारों की भूमिका को बेहद अहम बताया। इस अवसर पर कई प्रशासनिक और व्यावहारिक सुधारों की घोषणाएं भी की गईं। लोकेश कुमार जांगिड़ ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कोटवार ग्रामीण प्रशासन की सबसे मजबूत कड़ी हैं और शासन की योजनाओं से लेकर आपदा प्रबंधन तक उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोटवार प्रशासनिक परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

सम्मेलन में अपर कलेक्टर अश्विनी कुमार रावत, एसडीएम बी.एस. कुशवाह, डिप्टी कलेक्टर उमेश अवस्थी सहित बड़ी संख्या में राजस्व अधिकारी और कोटवार उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कोटवारों की वर्दी की मांग को स्वीकार करते हुए निर्देश दिए कि अब वर्दी की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। साथ ही सभी कोटवारों के लिए एक समान पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे उनकी पहचान और कार्यक्षमता और अधिक मजबूत हो सके।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, विशेषकर बारिश और बाढ़ की स्थिति में कोटवार ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा कलेक्टर ने चल रहे जनगणना कार्य में कोटवारों से सक्रिय सहयोग की अपील की ताकि कोई भी घर सर्वे से छूट न जाए। साथ ही भूमि विवाद, अतिक्रमण और चरनोई भूमि पर कब्जे की जानकारी समय पर प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।कार्यक्रम के अंत में संभागीय कोटवार संघ के अध्यक्ष रामौतार ने आभार व्यक्त किया।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. कोटवारों की वर्षों पुरानी समस्याओं को अब तक क्यों अनदेखा किया गया, और पहचान पत्र व भुगतान व्यवस्था अभी क्यों लागू की जा रही है?
  2. ग्रामीण सूचना तंत्र में इतनी अहम भूमिका के बावजूद कोटवारों के पास आधुनिक संसाधन (मोबाइल, इंटरनेट, ट्रेनिंग) कितने उपलब्ध कराए गए हैं?
  3. क्या प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कोटवारों पर केवल जिम्मेदारी न डाली जाए, बल्कि उनके लिए सुरक्षा, मानदेय और कार्यभार संतुलन भी सुनिश्चित किया जाए?

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