नर्मदापुरम; उपार्जन केंद्रों में अफरा-तफरी! 100 ट्रॉली कतार में फंसी, अमानक गेहूं पर अधिकारियों की सख्ती Aajtak24 News

नर्मदापुरम; उपार्जन केंद्रों में अफरा-तफरी! 100 ट्रॉली कतार में फंसी, अमानक गेहूं पर अधिकारियों की सख्ती Aajtak24 News

नर्मदापुरम - जिले में गेहूं उपार्जन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रशासन ने अचानक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं। किसानों की समस्याओं और उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्था को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही सख्त निर्देश जारी किए। सोमेश मिश्रा के निर्देश पर उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और खरीदी व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इसी क्रम में डिप्टी कलेक्टर एवं जिला आपूर्ति अधिकारी नीता कोरी सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों की टीम ने ब्यावरा क्षेत्र के कई उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान नमामि स्व सहायता समूह के केंद्र पर खरीदी प्रभारी अनुपस्थित पाए गए, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित रहीं। वहीं एच.एल. अग्रवाल वेयरहाउस पर लगभग 50 ट्रॉलियां सड़क पर खड़ी मिलीं, जिससे किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। अधिकारियों ने मौके पर ही खरीदी प्रभारी को बुलवाकर कार्य शुरू कराया और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। अन्य केंद्रों पर भी टोकन व्यवस्था और लाइन प्रबंधन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए।

नवज्योति वेयरहाउस स्थित उपार्जन केंद्र पर 100 से अधिक ट्रॉलियां कतार में खड़ी पाई गईं, जिससे जाम जैसी स्थिति बन गई थी। अधिकारियों ने तत्काल टोकन सिस्टम के अनुसार क्रमवार खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर गेहूं की गुणवत्ता भी जांची गई, जिसमें कई लॉट को अमानक पाया गया। एच.एस.व्ही. वेयरहाउस चांदला में बड़ी मात्रा में गेहूं अमानक घोषित किया गया, जिसके बाद खरीदी प्रभारियों को सख्त चेतावनी दी गई कि केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही उपार्जन किया जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब कई केंद्रों पर खरीदी प्रभारी अनुपस्थित पाए गए, तो क्या यह प्रशासनिक निगरानी की विफलता नहीं मानी जाएगी?
  2. 100 ट्रॉलियों की लंबी कतार और जाम की स्थिति बनने के बावजूद क्या पहले से कोई प्रभावी टोकन और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू नहीं थी?
  3. अमानक गेहूं की इतनी बड़ी मात्रा केंद्र तक कैसे पहुंची, और क्या इसके पीछे कोई मिलावट या लापरवाही का संगठित नेटवर्क जांच के दायरे में आएगा?

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