मंडला; अस्पताल में कलेक्टर की एंट्री से मचा हड़कंप! मरीजों से सीधे पूछे सवाल, व्यवस्थाओं की खुली परतें Aajtak24 News

मंडला; अस्पताल में कलेक्टर की एंट्री से मचा हड़कंप! मरीजों से सीधे पूछे सवाल, व्यवस्थाओं की खुली परतें Aajtak24 News

मंडला - जिला अस्पताल में रविवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई जब कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे कलेक्टर ने सीधे मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति समझने की कोशिश की। करीब एक माह पहले भी कलेक्टर द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया था और कई सुधारात्मक निर्देश दिए गए थे। इस बार का निरीक्षण उन निर्देशों के पालन और व्यवस्थाओं में हुए सुधार की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सबसे पहले पीडियाट्रिक वार्ड पहुंचे। यहां भर्ती बच्चों की माताओं से उन्होंने आत्मीय संवाद किया और मदर्स डे के अवसर पर शुभकामनाएं भी दीं। नवजात शिशुओं के जन्म पर उन्होंने परिवारों को बधाई दी और माताओं को फल वितरित किए। कलेक्टर ने मरीजों और परिजनों से भोजन की गुणवत्ता, समय पर खाना मिलने, साफ-सफाई, डॉक्टरों के व्यवहार और इलाज संबंधी सुविधाओं को लेकर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लोग सीधे अधिकारियों को जानकारी दें ताकि तत्काल समाधान किया जा सके।

इसके बाद उन्होंने एएनसी वार्ड और पोस्ट लेबर रूम का निरीक्षण कर स्वच्छता, बेड व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के भोजन और बैठने के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है। इस पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन डॉ. सीएस धुर्वे को निर्देश दिए कि जल्द उपयुक्त स्थान चिन्हित कर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अस्पताल प्रबंधन की ओर से जानकारी दी गई कि मैटरनिटी विंग के विस्तार के लिए भवन के ऊपरी तल पर अतिरिक्त सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे भविष्य में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

कलेक्टर राहुल धोटे ने अस्पताल परिसर में सूचना प्रणाली को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों के नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं और विभिन्न वार्डों तक पहुंच के लिए साइनेज लगाए जाएं ताकि मरीजों और परिजनों को परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी भी मौजूद रहे। 

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. यदि एक महीने पहले भी निरीक्षण में व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए थे, तो फिर अब तक परिजनों के बैठने और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं क्यों उपलब्ध नहीं हो सकीं?
  2. अस्पताल में साफ-सफाई और सूचना व्यवस्था सुधारने के लिए बार-बार निर्देश देने पड़ रहे हैं, क्या यह अस्पताल प्रबंधन की नियमित निगरानी व्यवस्था की विफलता नहीं है?
  3. मरीजों से सीधे फीडबैक लेने की पहल सराहनीय है, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि पिछले निरीक्षण में मिली शिकायतों में से कितनी समस्याओं का स्थायी समाधान वास्तव में हुआ?

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