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| नरसिंहपुर; रेत खदानों पर प्रशासन की पैनी नजर! सीमांकन शुरू, अवैध उत्खनन मिला तो होगी सख्त कार्रवाई Aajtak24 News |
नरसिंहपुर - जिले में रेत खदानों को लेकर प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर रजनी सिंह के निर्देशन में जिले की स्वीकृत 36 रेत खदानों का सीमांकन कार्य कराया जा रहा है, ताकि तय क्षेत्र के बाहर अवैध उत्खनन को रोका जा सके। खनिज विभाग की जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की बैठक के बाद राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग के संयुक्त दल द्वारा अब तक 19 रेत खदानों का सीमांकन पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष 17 खदानों का कार्य जारी है।
प्रभारी खनिज अधिकारी के अनुसार संयुक्त टीम ने नरसिंहपुर, करेली, तेंदूखेड़ा, सांईखेड़ा और गाडरवारा तहसील क्षेत्रों की कई रेत खदानों का निरीक्षण और सीमांकन किया। इनमें घाटपिपरिया, मुर्गाखेड़ा, देवाकछार, धरमपुरी, घघरोला पटना, संसारखेड़ा, अर्जुनगांव और बैरागढ़ सहित कई स्थान शामिल हैं।
प्रशासन का दावा है कि जिन 19 खदानों का सीमांकन पूरा हुआ है, वहां स्वीकृत सीमा के बाहर रेत उत्खनन नहीं पाया गया। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्थान पर निर्धारित क्षेत्र से बाहर खनन मिलता है तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेत खनन को लेकर जिले में लंबे समय से निगरानी और पारदर्शिता की मांग उठती रही है। ऐसे में प्रशासन द्वारा संयुक्त दल के माध्यम से सीमांकन कार्य को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सीमांकन पूरा होने के बाद खदानों की निगरानी और प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- प्रशासन कह रहा है कि 19 खदानों में सीमा से बाहर खनन नहीं मिला, लेकिन क्या सीमांकन से पहले इन खदानों की स्वतंत्र जांच या सैटेलाइट मॉनिटरिंग कराई गई थी?
- यदि अवैध खनन पहले से नहीं हो रहा था, तो फिर अचानक सभी रेत खदानों के सीमांकन की जरूरत क्यों पड़ी? क्या प्रशासन को पहले शिकायतें मिली थीं?
- जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, तो क्या प्रशासन यह बताएगा कि पिछले एक वर्ष में अवैध खनन के कितने मामलों में वास्तविक कार्रवाई और वसूली हुई?
