धार; मोबाइल छोड़ो, लक्ष्य पकड़ो! धार कलेक्टर की छात्रों को दो टूक— सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं Aajtak24 News

धार; मोबाइल छोड़ो, लक्ष्य पकड़ो! धार कलेक्टर की छात्रों को दो टूक— सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं Aajtak24 News

धार - जिले के गंधवानी क्षेत्र के ग्राम कामता (चोटियाखेड़ी) में आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कार्यक्रम छात्रों के भविष्य, अनुशासन और करियर निर्माण को लेकर प्रेरणादायक संदेशों का मंच बन गया। समारोह में नवागत कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए शिक्षा के साथ अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण बेहद जरूरी है।

विविधि श्रीमद् भागवत ज्ञान प्रचार समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मेहनत और निरंतरता का महत्व समझाते हुए कहा कि भविष्य आज लिए गए निर्णयों पर निर्भर करता है। उन्होंने ग्रामीण परिवारों से अपील की कि वे बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकती हैं।

कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रमोद गुर्जर ने विद्यार्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन देते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल पढ़ाई ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने छात्रों को चार महत्वपूर्ण स्तंभों—कम्युनिकेशन स्किल, बेसिक एप्टीट्यूड, करंट अफेयर्स और हॉबी—पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

उन्होंने मोबाइल के गलत इस्तेमाल और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं को संस्कार और सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को स्टेशनरी सामग्री और फोल्डर वितरित किए गए तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को शील्ड देकर सम्मानित किया गया।

कक्षा 10वीं में मयंक मंडलोई ने प्रथम, इंदिरा सोलंकी ने द्वितीय और ज्योति कंवर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 12वीं में लक्ष्मी सिसोदिया प्रथम, कविता मौर्य द्वितीय और राधिका चौहान तृतीय स्थान पर रहीं। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, अधिकारियों और मातृशक्ति को भी सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में मौजूद रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. ग्रामीण छात्रों को अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण का संदेश दिया जा रहा है, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और करियर मार्गदर्शन की वास्तविक सुविधाएं कितनी उपलब्ध हैं?
  2. मोबाइल और नशे से दूर रहने की सलाह दी गई, लेकिन क्या जिले में युवाओं के लिए खेल, लाइब्रेरी और स्किल डेवलपमेंट जैसी सकारात्मक गतिविधियों का पर्याप्त ढांचा मौजूद है?
  3. मेधावी छात्रों को सम्मानित करना अच्छी पहल है, लेकिन क्या प्रशासन उन छात्रों के लिए भी कोई विशेष योजना बना रहा है जो आर्थिक कमजोरी के कारण आगे की पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं?

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