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| हरदा' पानी बचाओ वरना प्यासा होगा कल! हरदा की बैठक में जल संकट पर बड़ा अलर्ट Aajtak24 News |
हरदा - हरदा में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति “दिशा” की बैठक में जल संकट, खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। भारत सरकार के अनुसूचित जनजाति कार्य विभाग के केन्द्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके ने साफ कहा कि आने वाले समय में जल संकट सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है, इसलिए हर व्यक्ति को जल संवर्द्धन के प्रति संवेदनशील होना पड़ेगा। बैठक में उन्होंने कहा कि “आज संचित किया गया पानी ही भविष्य की प्यास बुझाएगा।” उन्होंने जल गंगा संवर्द्धन अभियान के तहत नदियों के संरक्षण और गहरीकरण के कार्य युद्ध स्तर पर करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि केवल कागजों में योजनाएं चलाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर जल संरक्षण के स्थायी परिणाम दिखाई देने चाहिए।
बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कृषक भ्रमण कार्यक्रम और किसानों के सम्मान कार्यक्रम की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिले में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि रासायनिक खेती से बाहर निकलकर किसानों को टिकाऊ खेती की ओर बढ़ाना समय की जरूरत है। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन द्वारा जिले में शुरू किए गए “मिशन कोडशक्ति” और “विद्या आसन” जैसे नवाचारों की बैठक में सराहना की गई। वहीं कुपोषण से मुक्ति के लिए विभिन्न विभागों को दी गई जिम्मेदारियों को भी जनप्रतिनिधियों ने सराहनीय बताया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों पर चिंता जताई गई। मंत्री उईके ने कहा कि आवश्यक पदों की जानकारी का प्रस्ताव उन्हें भेजा जाए ताकि केंद्र स्तर पर भी आवश्यक पहल की जा सके। आयुष्मान कार्डधारियों के इलाज, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और सीएसआर से मिली अत्याधुनिक एम्बुलेंस की भी बैठक में चर्चा हुई।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर मंत्री ने प्राथमिक स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति और शिक्षकों की कार्ययोजना आधारित कार्यप्रणाली पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत होगी तभी आगे की शिक्षा का स्तर सुधरेगा। बैठक में ग्रामीण रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल व्यवस्था, बीएसएनएल नेटवर्क, बिजली व्यवस्था, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और फसल बीमा दावों की भी समीक्षा की गई। सोडलपुर में नए विद्युत उपकेंद्र से वोल्टेज समस्या के समाधान की जानकारी भी अधिकारियों ने दी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर साल जल संरक्षण और नदी गहरीकरण की बातें होती हैं, लेकिन हरदा के कई क्षेत्रों में गर्मियों में पेयजल संकट क्यों बना रहता है? क्या पिछली योजनाओं का कोई जमीनी ऑडिट हुआ है?
- जिले में डॉक्टरों और शिक्षकों के इतने पद खाली हैं, तो क्या सरकार यह मान रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा अब भी प्राथमिकता नहीं बन पाए हैं?
- जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात तो हो रही है, लेकिन क्या किसानों को इसके लिए बाजार, प्रशिक्षण और न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा देने की कोई ठोस कार्ययोजना भी तैयार है?
