मनेंद्रगढ़; एक्शन मोड में नई कलेक्टर: मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही अधिकारियों की बढ़ी धड़कनें Aajtak24 News

मनेंद्रगढ़; एक्शन मोड में नई कलेक्टर: मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही अधिकारियों की बढ़ी धड़कनें Aajtak24 News

मनेंद्रगढ़ - जिले की नवनियुक्त कलेक्टर श्रीमती संतन देवी जांगड़े ने पदभार संभालते ही प्रशासनिक सक्रियता का संदेश दे दिया है। रविवार को उन्होंने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज और 220 बिस्तरीय अस्पताल का औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। कलेक्टर सबसे पहले परसगढ़ी स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचीं, जहां उन्होंने निर्माण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तय समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि जिलेवासियों को जल्द आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

इसके बाद कलेक्टर आमखेरवा स्थित निर्माणाधीन 220 बिस्तरीय अस्पताल पहुंचीं। यहां उन्होंने मरीजों और मेडिकल छात्रों के लिए तैयार की जा रही मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। पेयजल व्यवस्था, बिजली, स्वच्छता और अस्पताल तक पहुंचने वाले मार्गों की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जाएं, ताकि आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर विस्तार हो सके। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कलेक्टर के इस सख्त निरीक्षण के बाद निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। जिले में मेडिकल कॉलेज और बड़े अस्पताल का निर्माण स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. मेडिकल कॉलेज और अस्पताल निर्माण की समय-सीमा पहले क्या तय थी और अब तक कितनी देरी हो चुकी है? देरी के लिए जिम्मेदार कौन है?
  2. क्या निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए किसी स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से ऑडिट कराया जाएगा, ताकि भविष्य में भ्रष्टाचार या घटिया निर्माण के आरोप न लगें?
  3. जिले में अभी भी कई स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और स्टाफ की कमी है। क्या केवल भवन निर्माण से स्वास्थ्य व्यवस्था सुधर जाएगी या मानव संसाधन की भी ठोस योजना है?

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