![]() |
| मोहला; जंगल से निकलेगा रोजगार का नया रास्ता: कलेक्टर बोलीं- महिलाएं बढ़ेंगी तो बदलेगी पूरे समाज की तस्वीर Aajtak24 News |
मोहला - जिले में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सुशासन तिहार के अंतर्गत मानपुर स्थित आरसेटी भवन में जिला स्तरीय मेगा क्रेडिट कैंप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर तुलिका प्रजापति और जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर ने भाग लेते हुए महिलाओं, किसानों, युवाओं और छोटे व्यापारियों को बैंकिंग योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी। कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कहा कि आर्थिक विकास की असली ताकत गांवों और महिलाओं के हाथों में है। यदि महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो उसका सीधा लाभ परिवार और समाज को मिलेगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय जानकारी के अभाव में अनेक लोग योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं, इसलिए ऐसे शिविरों का आयोजन बेहद महत्वपूर्ण है।
वनोपज में छिपे हैं रोजगार के बड़े अवसर
कलेक्टर ने जिले की वन संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि मोहला-मानपुर क्षेत्र वनाच्छादित होने के बावजूद वनोपज आधारित उत्पादों पर अपेक्षित स्तर पर कार्य नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय वनोपज के अनुसार नए अवसर तलाशने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों को नुकसान पहुंचाए बिना भी वन आधारित उत्पादों का प्रसंस्करण और विपणन कर बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। इसके लिए स्व-सहायता समूहों को आगे आना होगा और स्थानीय संसाधनों को बाजार से जोड़ना होगा।
"मोहला ब्रांड" से बढ़ेगी महिलाओं की पहचान
कलेक्टर ने स्व-सहायता समूहों के लिए "मोहला ब्रांड" विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि यदि स्थानीय उत्पादों को एक साझा पहचान मिलेगी तो उनकी बाजार में मांग बढ़ेगी और महिलाओं की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने महिलाओं को समूहों के माध्यम से ऋण लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार करने और नए उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
साइबर ठगी से सावधान रहने की सलाह
कार्यक्रम में कलेक्टर ने लोगों को ऑनलाइन लोन, फर्जी कॉल और आकर्षक ऑफरों के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सावधान रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले जानकारी की पुष्टि अवश्य करें और बैंक से संपर्क बनाए रखें।
आय बढ़ाने के लिए गुणवत्ता जरूरी
जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य परिवारों की आय बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा ताकि वे प्रतिस्पर्धी बाजार में टिक सकें। उन्होंने महिलाओं को समूह आधारित गतिविधियों के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वरोजगार गतिविधियों को भी अपनाने की सलाह दी।
बैंकों ने दी योजनाओं की जानकारी
मेगा क्रेडिट कैंप में जिले के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने भाग लेकर लोगों को बैंकिंग सेवाओं, ऋण योजनाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। शिविर में पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, डिजिटल बैंकिंग, बीमा, क्लेम, नॉमिनी अपडेट, वैल्यू एडिशन और ऋण प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की गई। इस दौरान पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण भी वितरित किए गए। लोगों ने बैंक अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया और आवश्यक परामर्श भी लिया। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के शिविर ग्रामीणों को वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के साथ-साथ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
