बिलासपुर; बिल्हा समाधान शिविर में योजनाओं का वितरण, स्वच्छता की शपथ और त्वरित निराकरण के दावे Aajtak24 News

बिलासपुर; बिल्हा समाधान शिविर में योजनाओं का वितरण, स्वच्छता की शपथ और त्वरित निराकरण के दावे Aajtak24 News

बिलासपुर - नगर पंचायत बिल्हा के मंडी प्रांगण में आयोजित सुशासन तिहार शिविर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए केवल एक सरकारी आयोजन नहीं बल्कि जनता के बीच सरकार की कार्यशैली की परीक्षा का मंच भी बनकर सामने आया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं और योजनाओं के लिए आवेदन प्रस्तुत किए गए। कुल 102 आवेदन प्राप्त हुए, वहीं कई हितग्राहियों को मौके पर लाभ भी वितरित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक धरमलाल कौशिक उपस्थित रहे। उनके साथ जिले के प्रभारी सचिव एवं अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विधायक ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई और कहा कि सरकार की मंशा योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की है।

मंच से दिए गए संबोधनों में यह संदेश प्रमुख रहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायत लेने का अभियान नहीं बल्कि समस्याओं के समयबद्ध निराकरण का प्रयास है। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन गांव-गांव जाकर जनता की समस्याएं सुन रहा है ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रभारी सचिव मनोज पिंगुआ ने इसे शासन और जनता के बीच सीधे संवाद का माध्यम बताया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। वहीं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर आवेदन निपटाए जा रहे हैं और पात्र लोगों को तत्काल लाभ देने की कोशिश की जा रही है।

शिविर में योजनाओं के लाभ वितरण की भी तस्वीर सामने आई। पांच लोगों को राशन कार्ड दिए गए, दो हितग्राहियों को श्रम कार्ड मिला, दो लोगों को महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का लाभ दिया गया। तीन महिलाओं की गोद भराई रस्म आयोजित की गई। इसके अलावा 27 लोगों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए, तीन हितग्राहियों को स्वामित्व योजना के तहत अधिकार पत्र सौंपे गए और 62 लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई। राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास सहित कई विभागों के स्टॉल लगाए गए जहां लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। हालांकि ऐसे शिविरों की सफलता केवल मंच से हुई घोषणाओं या उसी दिन हुए वितरण से नहीं मापी जाएगी, बल्कि आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि जिन 102 आवेदनों को स्वीकार किया गया, उनमें कितनों का वास्तविक और समयबद्ध निराकरण होता है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. बिल्हा शिविर में प्राप्त 102 आवेदनों में से कितने आवेदन पुराने लंबित मामलों से जुड़े थे, और उनके निराकरण की सार्वजनिक समय-सीमा क्या तय की गई है?

2. सुशासन तिहार में लाभ वितरण तो हुआ, लेकिन क्या प्रशासन लाभ पाने वाले हितग्राहियों का पोस्ट-वेरिफिकेशन करेगा कि उन्हें योजनाओं का वास्तविक और स्थायी लाभ मिला या नहीं?

3. यदि किसी आवेदन का शिविर के बाद तय समय में निराकरण नहीं होता, तो संबंधित विभागीय अधिकारी की जवाबदेही तय करने के लिए क्या दंडात्मक व्यवस्था लागू होगी?

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