| दुर्ग; बाढ़ आने से पहले प्रशासन अलर्ट: कंट्रोल रूम, राहत शिविर और 24 घंटे निगरानी Aajtak24 News |
दुर्ग - आगामी मानसून को देखते हुए दुर्ग जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि राहत और बचाव कार्यों की तैयारी समय रहते पूरी कर ली जाए। जिले की सभी तहसीलों और नगरीय निकायों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे तथा नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। जिला स्तर पर रूम नंबर 24 में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया जा रहा है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पहले से राहत शिविर चिन्हित करने, वहां भोजन, चिकित्सा, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ग्राम स्तर पर राहत टीमों के गठन, नावों और गोताखोरों की सूची तैयार करने, मोटर बोट एवं बचाव सामग्री उपलब्ध रखने और मॉक ड्रिल कराने पर भी जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीम और जीवनरक्षक दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं बिजली विभाग को तारों और खंभों के आसपास पेड़ों की कटाई कर आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार बाढ़ के दौरान जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. पिछले वर्ष बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास पर कितना खर्च हुआ था, और उसकी स्वतंत्र ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
2. जिन बाढ़ संभावित गांवों को चिन्हित किया गया है, वहां वास्तविक समय में अलर्ट सिस्टम (SMS/सायरन/डिजिटल सूचना) कब तक लागू होगा?
3. यदि मानसून शुरू होने के बाद राहत शिविरों में अव्यवस्था या संसाधनों की कमी पाई जाती है, तो जवाबदेही किस अधिकारी की तय होगी और क्या दंडात्मक व्यवस्था तय है?