| सक्ती; 906 आवेदन, 471 का मौके पर निपटारा… क्या ‘समाधान शिविर’ बदलेगा गांवों की तस्वीर Aajtak24 News |
सक्ती - अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से सुशासन तिहार 2026 के तहत जैजैपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत ओडे़केरा में बड़ा जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 20 ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रखीं, जहां बड़ी संख्या में आवेदनों का मौके पर निराकरण करने का दावा किया गया।शिविर में ओडे़केरा, कुटराबोड़, गाड़ामोर, जमडी, देवरघटा, पिसौद, बरदूली, मुक्ता, हरेठीकला, हरेठीखुर्द सहित 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। प्रशासन के अनुसार कुल 906 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 471 मामलों का मौके पर समाधान किया गया, जबकि 435 आवेदनों को संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर भेजा गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला पंचायत सीईओ ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और योजनाओं की जानकारी ली। शिविर में पात्र हितग्राहियों को कई योजनाओं का लाभ भी दिया गया। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बिजली विभाग को अनावश्यक कटौती रोकने और खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। वहीं पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी बल दिया गया। शिविर के दौरान शिक्षा विभाग ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा कुमारी डुनिशा साहू को सम्मानित किया। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा गणवेश, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, टैब, श्रवण यंत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृति प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, मत्स्य सामग्री और अन्य लाभ वितरित किए गए। स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग ने स्वास्थ्य परीक्षण और निःशुल्क दवा वितरण भी किया।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. 906 आवेदनों में से 471 का मौके पर निराकरण हुआ— क्या प्रशासन यह सार्वजनिक करेगा कि इनमें कितने मामलों का स्थायी समाधान हुआ और कितने केवल दस्तावेजी कार्रवाई तक सीमित हैं?
2. शेष 435 आवेदन विभागों को भेजे गए हैं— इनके निराकरण की समयसीमा क्या है और क्या ग्रामीणों के लिए कोई सार्वजनिक ट्रैकिंग व्यवस्था बनाई जाएगी?
3. समाधान शिविरों में योजनाओं का वितरण किया जा रहा है, लेकिन क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई मूल्यांकन है जो बताए कि इन शिविरों से स्थायी रूप से शिकायतों और सेवा वितरण में कितना सुधार हुआ?