| सक्ती; सड़कों पर आवारा पशु, बढ़ते हादसे और क्रूरता… अब सख्त एक्शन मोड में प्रशासन Aajtak24 News |
सक्ती - जिले में पशु क्रूरता की घटनाओं पर रोक लगाने, आवारा पशुओं के संरक्षण और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी को लेकर कलेक्टर एवं जिला पशु क्रूरता निवारण समिति के पदेन अध्यक्ष अमृत विकास तोपनो की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 तथा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के प्रभावी पालन पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पशु संरक्षण से जुड़े प्रावधानों को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जमीनी स्तर पर उनका पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को वर्षा ऋतु से पहले स्वीकृत गौशालाओं और गौधामों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही नवगठित पशु क्रूरता निवारण समिति का विधिवत पंजीयन कराने पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक एवं समिति के पदेन उपाध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि पशु क्रूरता की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई कर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने की योजना भी साझा की गई, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
बैठक में पशुधन विकास विभाग ने जिले में एबीसी सेंटर की स्थापना, रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम और आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए नए गौधाम प्रस्तावों की जानकारी भी दी। प्रशासन का कहना है कि इन प्रयासों के जरिए पशु कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों को मजबूत किया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत, वन विभाग, नगर प्रशासन, शिक्षा विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. हर वर्ष आवारा पशुओं को गौशालाओं में शिफ्ट करने और नियंत्रण की बात होती है— क्या जिले के पास वर्तमान में इतने पशुओं के लिए पर्याप्त क्षमता और बजट उपलब्ध है?
2. पशु क्रूरता की घटनाओं पर तत्काल एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं— पिछले एक वर्ष में जिले में कितने मामलों में वास्तव में कार्रवाई हुई और कितनों में सजा तक मामला पहुंचा?
3. रेबीज नियंत्रण और एबीसी सेंटर की योजना घोषित की गई है— क्या इसके लिए समयसीमा, बजट और लक्ष्य सार्वजनिक किए जाएंगे ताकि प्रगति का वास्तविक आकलन हो सके?