बिलासपुर; खनन माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार… 2 पोकलेन, जेसीबी और 20 वाहन जब्त Aajtak24 News

बिलासपुर; खनन माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार… 2 पोकलेन, जेसीबी और 20 वाहन जब्त Aajtak24 News

बिलासपुर - जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मशीनरी और वाहनों पर शिकंजा कसा है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश और खनिज विभाग की निगरानी में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 2 पोकलेन मशीन, 1 जेसीबी और 20 वाहनों को जब्त किया गया है। उप संचालक खनिज प्रशासन किशोर गोलघाटे के अनुसार कार्रवाई के दौरान ग्राम महमंद (सीपत क्षेत्र) में खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की जांच की गई। जांच में बिना वैध अभिवहन पास के रेत परिवहन करते पाए जाने पर दो हाईवा वाहनों को जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान एक वाहन को जांच चौकी लावर लाया गया, जबकि दूसरे वाहन का चालक वाहन सड़क पर छोड़कर चाबी लेकर फरार हो गया। वाहन मालिक को सूचना देने के बाद भी उपस्थित नहीं होने पर संबंधित वाहन स्वामी के खिलाफ थाना तोरवा में एफआईआर दर्ज कराई गई।

खनिज विभाग ने बताया कि 7 मई से 20 मई 2026 के बीच जिले के चकरभाठा, बोदरी, सकरी, बेलगहना, रतनखण्डी, करहीकछार, सलका, पोड़ी, महमंद, लालखदान, मंगला, मस्तूरी, चौरमट्टी और लखराम क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अवैध खनिज परिवहन के कुल 20 प्रकरणों में कार्रवाई की गई, जिनमें रेत के 14, मुरूम का 1, चूनापत्थर के 2 और मिट्टी-ईंट के 3 मामले शामिल रहे। कार्रवाई के तहत 12 हाईवा, 7 ट्रैक्टर और 1 माजदा वाहन जब्त कर संबंधित थाना और जांच चौकियों में सुरक्षित रखा गया।

इसके अलावा स्वीकृत क्षेत्र से बाहर अवैध रेत उत्खनन करते पाए जाने पर ग्राम सोढ़खुर्द और करहीकछार से 2 पोकलेन मशीनें जब्त की गईं, जबकि चौरमट्टी क्षेत्र से मुरूम के अवैध उत्खनन में लगी एक जेसीबी मशीन को भी कब्जे में लिया गया। खनिज विभाग का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर निगरानी लगातार जारी रहेगी तथा जिला स्तरीय टास्क फोर्स को भी नियमित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. यदि 7 मई से 20 मई के बीच इतने बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन पकड़ा गया, तो क्या यह माना जाए कि लंबे समय से निगरानी व्यवस्था पर्याप्त प्रभावी नहीं थी?

2. वाहन चालक के फरार होने और वाहन मालिक के अनुपस्थित रहने के मामले में क्या केवल एफआईआर दर्ज होगी या अवैध खनन नेटवर्क और वित्तीय लाभार्थियों तक भी जांच पहुंचेगी?

3. मशीनें और वाहन जब्त करने के बाद क्या प्रशासन अवैध उत्खनन से हुए पर्यावरणीय नुकसान का आकलन कर संबंधित पक्षों से उसकी वसूली भी करेगा, या कार्रवाई केवल जब्ती तक सीमित रहेगी?

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