इंदौर में सजेगा वैश्विक कृषि का मंच: 9 जून से ब्रिक्स सम्मेलन का आगाज, 21 देशों के कृषि मंत्री करेंगे मंथन Aajtak24 News

इंदौर में सजेगा वैश्विक कृषि का मंच: 9 जून से ब्रिक्स सम्मेलन का आगाज, 21 देशों के कृषि मंत्री करेंगे मंथन Aajtak24 News

इंदौर - देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर वैश्विक कूटनीति और नीति निर्धारण का केंद्र बनने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के अंतर्गत 'कृषि कार्य समूह' का महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आगामी 9 से 13 जून तक इंदौर के ग्रैंड शेरेटन होटल में आयोजित किया जाएगा। इस पांच दिवसीय उच्च स्तरीय समागम में दुनिया के 21 देशों के कृषि मंत्री, दिग्गज कृषि वैज्ञानिक और नीति निर्धारक शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री ने ली तैयारी बैठक

सम्मेलन की भव्यता और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतरराष्ट्रीय अतिथियों के सामने इंदौर की स्वच्छता, हरियाली और आतिथ्य का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया जाए। उन्होंने नगर निगम, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा।

दो चरणों में होगा सम्मेलन: तकनीकी चर्चा से नीति निर्धारण तक

यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण चरणों में संपन्न होगा:

  1. प्रथम चरण (9 से 11 जून): इस दौरान विभिन्न देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक होगी। इसमें स्मार्ट कृषि, जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा, कृषि अनुसंधान और डिजिटल नवाचार जैसे तकनीकी विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी।

  2. द्वितीय चरण (12 एवं 13 जून): सम्मेलन के अंतिम दो दिनों में 21 देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक होगी। इसमें वैश्विक कृषि व्यापार, किसान कल्याण और सतत विकास की रणनीतियों पर सर्वसम्मति बनाने का प्रयास किया जाएगा।

21 देशों की भागीदारी: दुनिया के 68% किसानों का प्रतिनिधित्व

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस सम्मेलन में भारत के साथ ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान, सऊदी अरब, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात सहित कुल 21 देश शामिल हो रहे हैं। खास बात यह है कि विश्व के लगभग 68 प्रतिशत किसान इन्हीं देशों में निवास करते हैं, जिससे इस सम्मेलन में लिए गए निर्णय वैश्विक खाद्य व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

भारतीय परंपरा से होगा स्वागत, प्रदर्शित होगी 'मालवा' की संस्कृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि विदेशी मेहमानों का स्वागत तिलक, पगड़ी और फूलमालाओं के साथ पारंपरिक भारतीय शैली में किया जाए।

  • गाइड्स की तैनाती: एयरपोर्ट और होटलों पर अंग्रेजी के साथ-साथ रूसी, तुर्की और अन्य भाषाओं के जानकार गाइड्स तैनात रहेंगे।

  • सांस्कृतिक झलक: मेहमानों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें मध्यप्रदेश की लोक कला और पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी।

  • ग्रामीण हाट बाजार: इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार में कृषि आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो प्रदेश की कृषि उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर दिखाएगी।

प्रमुख जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति

समीक्षा बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विभिन्न विधायकगण, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह और कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह आयोजन न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है, जहाँ वैश्विक मंच पर प्रदेश के कृषि नवाचारों और सांस्कृतिक धरोहर की छाप देखने को मिलेगी।

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