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| धार में बनेगा ‘डायनासोर वर्ल्ड’! 89 से 200 हेक्टेयर तक फैलेगा नेशनल पार्क, विशाल म्यूजियम भी तैयार होगा Aajtak24 News |
इन्दौर- सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में मंगलवार को धार के प्रस्तावित डायनासोर नेशनल पार्क को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में पार्क के विस्तार, मास्टर प्लान और पर्यटन विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में धार क्षेत्र में 89 हेक्टेयर में फैला जीवाश्म पार्क मौजूद है, जिसे अब बढ़ाकर 200 हेक्टेयर तक विस्तारित किया जाएगा। इस विस्तार के लिए आसपास के चार गांवों की जमीन को शामिल किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य इस क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने बताया कि इस पार्क में डायनासोर के जीवाश्म, हड्डियां, अंडे, मल और अन्य प्राचीन जीवों के अवशेष पहले से संरक्षित हैं। इनमें इकाइनोडर्मा, मोलस्का, मछली और पोरिफेरा प्रजातियों के जीवाश्म भी शामिल हैं। अब पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां एक विशाल संग्रहालय बनाने की योजना तैयार की जा रही है, जहां इन दुर्लभ अवशेषों को आधुनिक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।
बैठक में क्षेत्र की जैव विविधता और ऐतिहासिक महत्व पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि पार्क क्षेत्र में बड़केश्वर महादेव मंदिर, हनुमान मंदिर, बाघ गुफाएं और बाघ किला जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं। इसके अलावा यहां सागवान, शीशम, सतावर और अरंडी सहित 1644 प्रकार के पौधे और औषधीय वनस्पतियां पाई जाती हैं। वन्यजीवों में सियार, लोमड़ी, लकड़बग्घा और विभिन्न प्रजातियों के सांप भी यहां मौजूद हैं।
परियोजना के तहत होटल, रिसॉर्ट, टावर और नई सड़कें विकसित करने की योजना है। सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा और रात के समय भी पर्यटकों की आवाजाही संभव बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि पार्क के विस्तार से स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे। हालांकि परियोजना के विस्तार के साथ पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बैठक में स्पष्ट किया गया कि पार्क क्षेत्र में उत्खनन, ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग, ईंट भट्टों की स्थापना, जलाऊ लकड़ी के व्यावसायिक उपयोग और प्राकृतिक जल स्रोतों में अपशिष्ट छोड़ने जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। बैठक में सपना लोवंशी, टी.एन. मिश्रा, विजय मंथन और कौश्तुभ कुर्लेकर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- डायनासोर नेशनल पार्क के विस्तार के लिए जिन चार गांवों की जमीन शामिल की जा रही है, वहां के स्थानीय लोगों की सहमति और पुनर्वास की क्या योजना है?
- पर्यटन बढ़ाने के नाम पर होटल, सड़क और टावर निर्माण से क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीवों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, और इसकी पर्यावरणीय निगरानी कौन करेगा?
- क्या प्रशासन यह स्पष्ट करेगा कि इस परियोजना की कुल लागत कितनी होगी और अब तक इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई है?
