| दुर्ग; खुर्सीपार में तड़के सुबह दुर्ग पुलिस का बड़ा सघन चेकिंग अभियान, 500 मकानों और 200 वाहनों की जांच Aajtak24 News |
दुर्ग - शहर में कानून व्यवस्था मजबूत करने और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए दुर्ग police ने सोमवार तड़के खुर्सीपार क्षेत्र में बड़ा सघन चेकिंग और कांबिंग अभियान चलाया। सुबह 4 बजे से शुरू हुआ यह अभियान 9 बजे तक चला, जिसमें 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान करीब 500 मकानों और 200 ट्रेलर-ट्रकों की जांच की गई। पुलिस ने अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार और आपराधिक तत्वों पर विशेष नजर रखी। जांच के दौरान 7 संदिग्ध मोटरसाइकिलें जब्त की गईं, जबकि 3 संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए थाना लाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, जिला दुर्ग में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा के नेतृत्व में नगर पुलिस अधीक्षक छावनी यदुमनी सिदार, थाना प्रभारी खुर्सीपार, भिलाई-3, जामुल, यातायात पुलिस और रक्षित केंद्र दुर्ग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। चेकिंग अभियान के तहत खुर्सीपार के डॉ. राजेंद्र प्रसाद नगर, शिवाजी नगर, अटल आवास देवार बस्ती, मछली मार्केट और ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की डिक्की चेकिंग की, वहीं ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक ड्राइवरों और क्लीनरों के लाइसेंस, वाहन दस्तावेज और आधार कार्ड का सत्यापन भी किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और अपराधियों में पुलिस की मौजूदगी का संदेश देना था। सुबह-सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी से पूरे इलाके में हलचल का माहौल रहा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि की जानकारी तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाने को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जा सके।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब पुलिस को इतने बड़े स्तर पर सुबह 4 बजे कांबिंग अभियान चलाने की जरूरत पड़ी, तो क्या यह माना जाए कि खुर्सीपार क्षेत्र में अपराध और अवैध गतिविधियों का नेटवर्क पहले से सक्रिय था?
- 500 मकानों और 200 वाहनों की जांच के बावजूद केवल 7 बाइक जब्त और 3 लोगों से पूछताछ हुई—क्या इतने बड़े अभियान का परिणाम अपेक्षाकृत कमजोर नहीं माना जाएगा?
- क्या इस तरह के अभियान नियमित रणनीति का हिस्सा हैं या किसी विशेष खुफिया इनपुट और बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के कारण अचानक कार्रवाई करनी पड़ी?