सिंहस्थ-2028 की मेगा तैयारी… 18 किलोमीटर पैदल घूमकर प्रशासन ने बनाया ‘श्रद्धालु सुविधा ब्लूप्रिंट Aajtak24 News

सिंहस्थ-2028 की मेगा तैयारी… 18 किलोमीटर पैदल घूमकर प्रशासन ने बनाया ‘श्रद्धालु सुविधा ब्लूप्रिंट Aajtak24 News

उज्जैन - सिंहस्थ-2028 महापर्व को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए उज्जैन प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। करोड़ों श्रद्धालुओं और साधु-संतों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक तरीके से शिप्रा नदी के घाटों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार तीसरे दिन पैदल भ्रमण कर घाटों और प्रस्तावित पहुंच मार्गों का निरीक्षण किया। संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह ने कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विक्रांत भैरव मंदिर से उन्हेल रोड तक करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान घाटों को मुख्य सड़कों और पार्किंग स्थलों से जोड़ने के लिए 18 नए स्थान चिन्हित किए गए, जहां एप्रोच रोड विकसित किए जाएंगे।

प्रशासनिक टीम ने विक्रांत भैरव मंदिर, कालभैरव मंदिर, मौनी बाबा आश्रम, मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर, सिद्धवट और उन्हेल रोड क्षेत्र सहित कई प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए ऐसे मार्गों का चयन किया, जहां से घाट तक पहुंचना अधिक आसान और सुरक्षित हो सके। संभागायुक्त श्री सिंह ने निर्देश दिए कि एप्रोच रोड निर्माण के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को लंबी दूरी तक पैदल न चलना पड़े, इसके लिए पार्किंग क्षेत्र से सीधे घाट तक सुविधाजनक मार्ग तैयार किए जाएं। भैरवगढ़ क्षेत्र में पुरानी गिट्टी खदान के पास प्रस्तावित पार्किंग एरिया से नवीन घाट तक रैंप जैसी एप्रोच रोड बनाने के निर्देश भी दिए गए।

प्रशासन के अनुसार शनिवार से सोमवार तक तीन दिनों के निरीक्षण में करीब 18 किलोमीटर क्षेत्र में 60 से अधिक संभावित पहुंच मार्ग चिन्हित किए जा चुके हैं। इन मार्गों के जरिए श्रद्धालुओं को अलग-अलग दिशाओं से घाटों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्माणाधीन घाटों और विकास कार्यों में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन में सुविधाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सिंहस्थ-2028 को “अलौकिक और विश्वस्तरीय आयोजन” बनाने के लक्ष्य के साथ प्रशासनिक अमला लगातार मैदानी स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. सिंहस्थ-2028 के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं का दावा किया जा रहा है, लेकिन क्या पिछली व्यवस्थाओं की कमियों का कोई स्वतंत्र ऑडिट कराया गया है?
  2. एप्रोच रोड और घाट निर्माण में भारी बजट खर्च होगा, ऐसे में गुणवत्ता और भ्रष्टाचार रोकने के लिए कौन-सी पारदर्शी मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की जाएगी?
  3. करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा की बात हो रही है, लेकिन आपदा प्रबंधन, भगदड़ नियंत्रण और मेडिकल इमरजेंसी के लिए अब तक क्या ठोस ब्लूप्रिंट तैयार हुआ है?

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