इछावर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: 18 बिजली के खंभे तोड़कर तार चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार Aajtak24 News

इछावर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: 18 बिजली के खंभे तोड़कर तार चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार Aajtak24 News
सीहोर/इछावर - सीहोर पुलिस ने बिजली चोरी के एक सनसनीखेज और दुस्साहसिक मामले का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों ने रामनगर और मोलगा के बीच स्थित 11 केव्ही लाइन के 18 बिजली के खंभों को धराशायी कर उनके तार पार कर दिए थे। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी गया माल, वारदात में इस्तेमाल हथियार और एक ओमनी कार भी बरामद की है।

क्या था मामला?

घटना 3 मई 2026 की रात की है। विद्युत विभाग के सहायक यंत्री (इछावर उप संभाग) श्री विदुर दुबे ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रामनगर और मोलगा के बीच अज्ञात बदमाशों ने 11 केव्ही लाइन के 18 खंभे तोड़ दिए हैं और भारी मात्रा में बिजली के तार चोरी कर लिए हैं। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 181/26, धारा 136 (विद्युत अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस की त्वरित घेराबंदी और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। एसडीओपी भैरूंदा श्री रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पंकज वाडेकर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। संदेह के आधार पर पुलिस ने कुछ युवकों को अभिरक्षा में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  1. अयान खां (20 वर्ष), निवासी कोलीपुरा, इछावर।

  2. जेद हसन (20 वर्ष), निवासी ग्राम ब्रिजिशनगर।

  3. राजेन्द्र मेवाडा (20 वर्ष), निवासी ब्रिजिश नगर।

  4. राजा बामनिया (19 वर्ष), निवासी ग्राम ब्रिजिशनगर।

8 लाख का मसरूका और हथियार बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए 18 खंभों के बिजली के तार बरामद किए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 8 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किए गए कटर, दराता और घटना के लिए उपयोग की गई ओमनी वैन को भी विधिवत जब्त कर लिया गया है।

सराहनीय भूमिका

इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक पंकज वाडेकर के साथ प्रधान आरक्षक विक्रम रघुवंशी, अमित चौहान, राजेश तिवारी, रामनरेश नरवरिया, आरक्षक नरेन्द्र जाट और सैनिक विक्रम सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया है और आगे की विवेचना जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं।

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