![]() |
| हाइवे पर 'कफन' बिछाती रफ्तार: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती भी बेअसर, अब रीवा पुलिस ने थामी सुरक्षा की '16 सूत्रीय ढाल' Aajtak24 News |
रीवा - सड़कों पर बिछती लाशें और अपनों को खोने का मातम अब एक कड़वी सच्चाई बन चुका है। सड़कों पर मौत के इस तांडव को रोकने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के कड़े निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर सरकारी तंत्र की सुस्ती चिंता का विषय बनी हुई है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए रीवा पुलिस ने अब आमजन को जागरूक करने और हादसों पर लगाम लगाने के लिए एक विशेष '16 सूत्रीय सुरक्षा ढाल' (एडवाइजरी) जारी की है।
सुप्रीम कोर्ट सख्त, लेकिन तंत्र मौन?
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत ने कई बार राज्य सरकारों को फटकार लगाई है। इसके बावजूद प्रभावी नीतियों के क्रियान्वयन में कमी साफ नजर आती है। रीवा जिले के राष्ट्रीय और ग्रामीण राजमार्गों पर लगातार हो रहे हादसे इस बात का प्रमाण हैं कि नियमों का खौफ सड़कों से गायब हो चुका है।
इन 3 कारणों से यमराज बने रोड
रिपोर्ट के विश्लेषण के अनुसार, सड़कों पर खून बहने के तीन मुख्य कारण सामने आए हैं:
कौशल का अभाव: जिले में बड़ी संख्या में ऐसे चालक हैं जिनके पास कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं है। बिना प्रशिक्षण के स्टेयरिंग थामना खुद की और दूसरों की जान को खतरे में डाल रहा है।
ओवरलोडिंग का जानलेवा शौक: एक बाइक पर चार-चार सवारियां और क्षमता से अधिक माल लादकर दौड़ते वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं।
अतिक्रमण का जाल: राष्ट्रीय और ग्रामीण राजमार्गों की पटरियों (Shoulders) पर दुकानदारों और स्थानीय लोगों का बढ़ता अतिक्रमण चालकों को सड़क से उतरने का मौका नहीं देता, जिससे टक्कर की संभावना बढ़ जाती है।
रीवा पुलिस की 16 सूत्रीय 'सुरक्षा ढाल'
जनता को उनके नैतिक और कानूनी दायित्वों का बोध कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विस्तृत इश्तहार/विज्ञापन जारी किया है। इसमें प्रमुख रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया गया है:
हेलमेट और सीट बेल्ट: दोपहिया पर हेलमेट और कार में सीट बेल्ट को जीवन के लिए अनिवार्य बताया गया है।
नशे में वाहन चलाना: शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी।
ओवरस्पीडिंग और स्टंट: युवाओं में बढ़ते स्टंट के क्रेज और तेज रफ्तार पर लगाम लगाने की हिदायत दी गई है।
यातायात संकेत: सड़क पर लगे दिशा-निर्देशों और संकेतों का पालन करना अनिवार्य है।
प्रशासन की अपील: "घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है"
रीवा पुलिस ने इस 16 सूत्रीय अभियान के जरिए संदेश दिया है कि केवल चालान काटना पुलिस का मकसद नहीं है, बल्कि हर नागरिक को सुरक्षित घर पहुँचाना प्राथमिकता है। यदि जनता इन 16 बिंदुओं को आत्मसात कर ले, तो जिले में दुर्घटनाओं के आंकड़ों में भारी कमी आ सकती है।
