| बस्तर; ‘प्रयास’ चयन परीक्षा संपन्न, बस्तर के 1192 विद्यार्थियों ने बड़े सपनों की ओर बढ़ाया कदम Aajtak24 News |
जगदलपुर - बस्तर के हजारों विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने वाली “प्रयास” आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। छत्तीसगढ़ शासन की “मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना” के अंतर्गत आयोजित इस परीक्षा में जिले के 1192 विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी “प्रयास” योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, क्लैट और एनडीए जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जाएगी। यही कारण है कि इस परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
बस्तर जिले में परीक्षा के लिए जगदलपुर स्थित निर्मल विद्यालय को प्रमुख केंद्र बनाया गया था, जहां परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर श्री मनीष वर्मा और आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री गणेश राम सोरी ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित परीक्षा संचालन सुनिश्चित कराया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा के लिए कुल 1455 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से 1192 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 263 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा प्रक्रिया सुबह 9:30 बजे ओएमआर शीट भरने के साथ शुरू हुई। इसके बाद सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक मुख्य परीक्षा आयोजित की गई। विभाग द्वारा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 1 मई से ही प्रवेश पत्र ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए गए थे। साथ ही तकनीकी सहायता और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए सहायक आयुक्त कार्यालय को भी सक्रिय रखा गया था।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि “प्रयास” योजना बस्तर जैसे आदिवासी अंचलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने का बड़ा माध्यम बन रही है। इस योजना के जरिए ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी बड़े संस्थानों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। बस्तर में आयोजित यह परीक्षा केवल चयन प्रक्रिया नहीं, बल्कि उन बच्चों के सपनों की पहली सीढ़ी मानी जा रही है जो सीमित संसाधनों के बावजूद डॉक्टर, इंजीनियर, अफसर और सैनिक बनने का सपना देख रहे हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी ‘प्रयास’ परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन आखिर चयनित छात्रों में से कितने बच्चे वास्तव में IIT, NEET या NDA जैसी परीक्षाओं में सफल हो पा रहे हैं, क्या इसका कोई सार्वजनिक डेटा उपलब्ध है?
- 1455 में से 263 विद्यार्थियों का अनुपस्थित रहना क्या दूरदराज क्षेत्रों में परिवहन, सूचना या अन्य प्रशासनिक कमियों की ओर संकेत नहीं करता?
- क्या ‘प्रयास’ योजना का लाभ केवल चुनिंदा छात्रों तक सीमित रह जाता है, और जो बच्चे चयन से बाहर हो जाते हैं उनके लिए सरकार समान स्तर की तैयारी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं करती?