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| सरकारी आंकड़ों की दौड़ में शिक्षक बना ‘जनगणना योद्धा’, 100% काम पूरा कर प्रशासन से बटोरी वाहवाही Aajtak24 News |
दतिया - जिले में जनगणना कार्य के बीच एक शिक्षक की कार्यशैली प्रशासन के लिए मिसाल बनकर सामने आई है। सेवढ़ा तहसील के माध्यमिक विद्यालय डांगडिरौली में पदस्थ शिक्षक नारायण सक्सेना ने जनगणना के तहत मकान सूचीकरण कार्य को शत-प्रतिशत सफलता के साथ पूरा कर प्रशासन की सराहना हासिल की है। अधिकारियों का कहना है कि सीमित संसाधनों और मैदानी चुनौतियों के बावजूद शिक्षक ने जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ कार्य को पूरा किया। जनगणना के अंतर्गत एचएलबी क्रमांक 0069, ग्राम रिपोली में मकान सूचीकरण का दायित्व शिक्षक नारायण सक्सेना को सौंपा गया था। प्रशासन के मुताबिक उन्होंने पूरी निष्ठा, लगन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा में सभी मकानों का सूचीकरण पूर्ण किया। इस उपलब्धि को लेकर स्थानीय प्रशासन ने उनकी कार्यशैली को अनुकरणीय बताया।
चार्ज अधिकारी तहसील सेवढ़ा द्वारा शिक्षक के कार्य की सराहना करते हुए कहा गया कि उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और मेहनत से किया है। अधिकारियों ने इसे जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में बेहतर समन्वय और जिम्मेदार प्रशासनिक व्यवस्था का उदाहरण बताया। इस कार्य के पीछे एसडीएम सेवढ़ा अशोक अवस्थी और चार्ज अधिकारी राजेंद्र जाटव के मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण माना गया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि टीमवर्क और नियमित मॉनिटरिंग के कारण सूचीकरण कार्य समय पर पूरा हो सका।
कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने भी शिक्षक नारायण सक्सेना को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कर्तव्यनिष्ठा अन्य कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है। हालांकि जनगणना कार्य को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार संसाधनों की कमी, तकनीकी दिक्कतें और अतिरिक्त कार्यभार जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित करना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जनगणना कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जा रहा है, लेकिन क्या अतिरिक्त कार्यभार के बदले शिक्षकों और कर्मचारियों को पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं भी दी जा रही हैं?
- यदि एक शिक्षक ने सीमित संसाधनों में 100% सूचीकरण पूरा कर लिया, तो जिले के अन्य क्षेत्रों में अब तक अधूरे या धीमे जनगणना कार्य के लिए जिम्मेदार कौन है?
- जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में शिक्षकों की लगातार ड्यूटी लगाई जा रही है, तो क्या इससे स्कूलों की नियमित पढ़ाई और छात्रों की शिक्षा प्रभावित नहीं हो रही?
