राजस्व न्यायालयों में NRC कार्य का साया, बंद दरवाजों और लटके तालों से जनता में भारी आक्रोश Aajtak24 News

राजस्व न्यायालयों में NRC कार्य का साया, बंद दरवाजों और लटके तालों से जनता में भारी आक्रोश Aajtak24 News
रीवा - मध्य प्रदेश सरकार एक ओर राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के समय सीमा के अंदर निराकरण का दावा कर रही है, वहीं धरातल पर स्थिति इसके ठीक उलट नजर आ रही है। रीवा जिले के तहसील मनगवां और उप-तहसील गढ़ में इन दिनों न्याय की उम्मीद लेकर आने वाले पक्षकारों और अधिवक्ताओं को केवल बंद दरवाजे और लटके हुए ताले ही मिल रहे हैं।

बिना सूचना के न्यायिक कार्य ठप

ग्रामीण अंचलों से आने वाले नायकों और पक्षकारों का आरोप है कि राजस्व विभाग के समस्त कर्मचारी एनआरसी (NRC) कार्य में व्यस्तता का हवाला देकर कार्यालयों से नदारद रहते हैं। सबसे ज्यादा आक्रोश इस बात को लेकर है कि कार्यालय के बाहर ऐसी कोई सूचना या नोटिस चस्पा नहीं की गई है, जिससे यह पता चल सके कि न्यायिक कार्य किस कारण से बंद है। दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों को हफ्ते में दो-दो दिन अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे सरकार के प्रति जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

अधिकारियों का दोहरा कार्यभार और संभावित दबाव

राजस्व न्यायालयों के अधिकारियों पर न्यायिक और प्रशासनिक, दोनों तरह के कार्यों का दोहरा बोझ है। यह स्थिति कार्य निष्पादन को प्रभावित कर सकती है।

एसडीएम मनगवां की कार्यशैली की प्रशंसा

हालाँकि, इस चुनौतीपूर्ण माहौल में, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) मनगवां की कार्यशैली को जनता के बीच सराहा जा रहा है। बताया जा रहा है कि एसडीएम मनगवां न्यायिक नियमों और सिद्धांतों के अनुसार कार्य कर रहे हैं, जिससे जनता में संतुष्टि का भाव है।

व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता

एक ओर जहाँ एसडीएम के कार्यों से जनता को राहत मिल रही है, वहीं तहसील स्तर पर व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ सकते हैं।

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